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*चापलूसी के दम पर संविदा कर्मचारी कर रहा जिला पंचायत के महत्वपूर्ण पदों पर हुकूमत*

*चापलूसी के दम पर संविदा कर्मचारी कर रहा जिला पंचायत के महत्वपूर्ण पदों पर हुकूमत*

सतना जिले का जिला पंचायत का इतिहास लगभग सभी को मालूम है, अधिकारियों की हरकतों से सदैव चर्चा में बना रहने वाला विभाग जिला पंचायत सतना पुनः सुर्खियां बटोर रहा है, हम बात कर रहे है जिला पंचायत में संविदा में कार्य कर रहे गौरव शर्मा की, जिसका किस्सा कोई नया नही है, लेकिन सभी नियमो को ताक में रखकर संविदा कर्मचारी पर इतना बड़ा जिम्मेदारी सौपना, किसी हिटलर शासन से कम नही, वर्तमान जिला पंचायत सीईओ डॉ. परीक्षित राव झाड़े इतने प्रसन्न है कि पूर्व घोटालेबाज गौरव शर्मा को नियमित कमर्चारियों को दिया जाने वाला महत्वपूर्ण प्रभार इस संविदा कर्मचारी को सभी नियमो को दरकिनार करते हुए स्थापना एवम अन्य महत्वपूर्ण प्रभार इनको मेहरवानी के तौर पर दिया गया है। मेहरवानी का शिलशिला यहाँ तक न रुक कर इनको शासकीय बंगला मुहैया करवाया गया है। हमारे विश्वस्वत सूत्रों द्वारा यह भी बताया गया है कि जिला पंचायत सीईओ डॉ. परीक्षित राव झाड़े वही करते है जो संविदा कर्मचारी गौरव शर्मा कहता है या बोलता है, क्या संविदा कर्मचारी के कहने पर एक आईएएस कर्मकारी अपने कार्यों को करेंगे, क्या यह जिला पंचायत सीईओ को शोभा देता है।
सबसे बड़ा विचारणीय सवाल यह है कि क्या इतने बड़े जिला पंचायत विभाग में संविदा कर्मकारी के अलावा कोई काबिल नियमित व्यक्ति नही है जिन्हें दिया जा सके प्रमुख प्रभार ?
क्या नियमित कर्मचारियों के अभाव में चल रहा महत्वपूर्ण जिला पंचायत जैसा विभाग ?
*इनका कहना है कि-*
डॉ. परीक्षित राव झाड़े से दुरभाष द्वारा मेरे द्वारा बातचीत के दौरान जानकारी ली गई तो उन्होंने यह जबाब दिया कि, हमारे विभाग में नियमित कर्मचारियों का अभाव है, इसलिए गौरव शर्मा को स्थापना एवम अन्य प्रभार दिए गए है, यदि आपके नजर में कोई हो तो बताइए कि किनको दिया जाए प्रभार ? और रही बात शासकीय बंगले की तो गौरव शर्मा मेरे सतना में आने के पूर्व से ही शासकीय बंगले में रह रहे हैं, संविदा नियम क्या कहते है इसकी जानकारी आप कलेक्टर साहब से पूँछिये क्योंकि शासकीय बगला एलॉट करने का अधिकार उन्ही के पास है और उन्होंने ही किया है।
*इनका कहना है कि-*
जब सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा से दुरभाष द्वारा जानकारी ली गई तो इनके द्वारा कहा गया है कि आपके द्वारा प्रकाशित की गई खबर मैंने देखा है, मैं इस पर निश्चित ही कार्यवाही करूँगा।
*कार्यवाही के नाम पर झुनझुना-* लगातार प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के द्वारा जा पंचायत संविदा कर्मचारी गौरव शर्मा के भ्रष्टाचार जैसे कारनामो को उजागर करने के बाबजूद किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही हुई, ना ही किसी प्रकार का जबाब तालाब किया गया, और न ही इनको प्रभार मुक्त किया गया, क्या प्रशासन गाइड लाइन लेवल किताब के पन्नो तक ही सीमित समझते हैं, या स्वयं को नियम के ऊपर और खुद नियम बनाने का अधिकार रखते है। अब देखना यह है कि जिला पंचायत सीईओ और सतना कलेक्टर उठाएंगे ठोस कदम या नियमो और कानूनों का सरेआम कब्र में फ़फ़नाने का कार्य किया जाएगा।