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देव संस्कृति कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी दुर्ग खपरी के डायरेक्ट को किसने बनाया बेवकूफ?

और कोई नहीं बल्कि स्कूल बस बेचने वाला संस्था जी. के. आटोमोटिव प्रा. लि. रायपुर के मालिक सूरज परवानी 

राकेश तंबोली दबंग प्रहरी समाचार एम डी और प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की कलम से ✒️   

दुर्ग (दबंग प्रहरी समाचार ) हमने जो बात कही है वह ऐसे ही नहीं चाहिए इसके पीछे कारण है क्योंकि हमने लगभग 2 वर्ष पहले यहां पर बिना नंबर की स्कूल बस का संचालन करते हुए पकड़ा था जिसके बारे में पूछताछ हमने देव संस्कृति कॉलेज के डायरेक्टर श्रीमती ज्योति शर्मा से की थी तब उन्होंने बताया था कि डाक्युमेंट स्कूल बस का बिल्कुल सही है और जो भी पूछताछ आरटीओ विभाग करेगा हम उसमें पूरे साथ देंगे लेकिन इस बात की जानकारी उनके भाई दीपक शर्मा को मिलते ही हम पर आग बबूला हो गए और उन्होंने हम पर अशोभनीय आरोप लगाना चालू कर दिया।जो आरोप उन्होंने हम पर लगाया उससे हम दोष मुक्त हो चुके हैं शायद उनकी जानकारी उनको नहीं होगी क्योंकि कुछ दो -गले वाले पत्रकार की बात में वह आ गए है।बहरहाल हम स्कूल बस में हुए फर्जी वाले मामले के शिकायत परिवहन विभाग को किया जहां पर उन्होंने पाया कि स्कूल बस विक्रेता रायपुर के जीके आटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी की गई है इस पर उन्होंने देव संस्कृति को भी नोटिस भेजा लेकिन उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई ना ही किसी प्रकार का सहयोग किया गया इससे स्पष्ट तो साबित होता है कि जिस प्रकार से शासन के साथ फर्जीवाड़ा हो रहा है उसमें यहां के संचालक खुले तौर पर इन भ्रष्टाचारियों का खुलकर साथ देते हैं। फिर मामले के नतीजा यह आया कि जी के आटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड को 10 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया और साथ ही उन्हें ₹15000 का जुर्माना भी लगाया गया अब जिस तरह से स्कूल बस का संचालन शिक्षक विभाग करते हैं उन्हें भी ध्यान देना चाहिए कि उनके साथ कहीं धोखाधड़ी तो नहीं हो रही है कहीं यहां गंभीर हादसे का शिकार तो ना बन जाए इन भोले वाले बच्चों को और बड़ों को जो अपनी शिक्षा को मजबूत करने इन विद्यालयों में जाते हैं कहीं उनके जिंदगी पर यह भारी न पड़ जाये।श्रीमती ज्योति शर्मा, संचालक देव संस्कृति कालेज ऑफ़ एजुकेशन ऑफ़ टेक्नोलॉजी

डायरेक्ट श्रीमती ज्योति शर्मा

एक पत्रकारद्वारा फ्री में दी जाने वाली राय –  महोदय किसी पत्रकार पर आरोप लगाने से पहले अपने साथी पत्रकारों से सलाह ज़रूर लेना की क्या वो आपको क्या बुरे कर्म के परिणाम से बचा सकते हैं?  पहले भी तथाकथित पत्रकारों ने किस तरह के भ्रष्टाचारों का साथ दिया पर नतीजा सबके सामने है कई सलाखों के अंदर हैं कई डरके दर दर की ठोकर खाते छिपते घूम रहे हैं।

सच्चे पत्रकार हमेशा एक थे और हमेशा रहेंगे, भ्रष्टाचार हमेशा सामने लाते जायेंगे 

पत्रकार एकता जिंदाबाद 💪✒️🔱हर हर महादेव