डॉ. ओम प्रकाश कराडे ने बनाया बेकसूर लिफ्ट निर्माता आनंद शर्मा को थोड़े से रुपयों का लालच देकर सह अभियुक्त ?
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डॉक्टर कराड़े इलाज करते करते बन बैठे षड़यंत्रकारी अपराधी,कूटरचना कर बनाया फर्जी बिल व लेटरपेड
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खुद फंसे पर साथ में लपेटा मासूम लिफ्ट निर्माता को !
राकेश तम्बोली की ✒️से………

दुर्ग ( दबंग प्रहरी समाचार )। अभी तक तो आपने डॉक्टर को सामाजिक सेवा करते हुए और लोगों की तबीयत को ठीक करते हुए देखा है पर आपने कहीं नहीं देखा होगा की उनके द्वारा किसी प्रकार का फर्जीवाडा किया जा रहा है हम लगातार ऐसे डॉक्टर का खुलासा करते जा रहे हैं जिन्होंने केवल सामाजिक ही नहीं बल्कि और शासन के साथ खुलकर धोखाधड़ी की है और अपने कर्म को अपने कर्तव्य को आड़ में छुपाकर रखा है।
हम आपको बता रहे है की कैसे एक डॉक्टर द्वारा हॉस्पिटल चलाने के लायसेंस के लिये झूठे शपथ पत्र तो दिये है उन्होंने केवल ये ही नहीं बल्कि एक लिफ्ट बनाने वाले आनंद शर्मा को भी अपने साथ कुछ रुपयों की लालच में लपेट कर सह अपराधी यानि सह अभियुक्त बना दिया है, जिन्होंने कोई गलती ही नहीं की है।
मामला आखिर है क्या?
विवादस्पद लिफ्ट के मेंटेनेन्स के लिये अनिवार्य बिल व लेटरपेड की आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर द्वारा फर्जीवाड़ा करते हुए झूठा बिल व लेटरपेड बनाकर सम्बंधित कार्यालय में जमा करा दिया गया जहाँ शिकायतकर्ता द्वारा जानकारी मिलने पर अधिकृत रूप से उसे हासिल किया फिर किया उसका अधिकृत शिकायत।
शिकायत की जाँच के दौरान लिफ्ट निर्माता ने अपने लिखित बयान में कहा कि उसके द्वारा किसी भी प्रकार का कोई बिल मेंटेनेन्स के लिये नहीं जारी किया गया है लेकिन जब डॉक्टर को अधिकृत नोटिस का जवाब देने के लिए दिया गया तब डॉक्टर ने आकर ओरिजनल बिल व लेटर पेड दिखाने कि बात की लेकिन रहेगा पेपर ओरिजिनल तो ही दिखा पाएंगे ना।
कभी भी हो सकता है अपराध दर्ज और हॉस्पिटल बंद
जाँचकर्ता द्वारा कई बार डॉक्टर कराड़े को अपने पक्ष रखने का मौका दिया गया और ओरिजनल दस्तावेज दिखाने को कहा लेकिन उनके द्वारा लगातार बहाना बनाया गया पर कोई सार्थक अपना पक्ष नहीं रखा पाये इसलिये उनके ऊपर जाँचकर्ता द्वारा कभी भी कुटरचना करने का मामला दर्ज हो सकता है यही नहीं इसके द्वारा संचालित हॉस्पिटल भी बंद हो सकता है।