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कृषि कानूनों की वापसी पर बोलीं महिला किसान, अभी पूरी खुशी मिली नहीं है

            कानूनों के खत्म होने तक बॉर्डर नहीं छोड़ेंगे

सिंघु बॉर्डर ।गुरुपर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों को नवंबर के अंत में होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरा करने का आश्वासन दिया है।

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर धरने पर बैठीं महिला किसानों ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान अभी सिर्फ आधी खुशी है। जब तक लिखित में कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक हम आंदोलन जारी रखेंगे और बॉर्डर से नहीं हटेंगे।’ किसान नेता राकेश टिकैत ने भी कहा था कि किसान आंदोलन फौरन नहीं खत्म होगा। संसद में तीनों कानूनों को रद्द किए जाने के बाद ही किसान मोर्चे से हटेंगे।

‘इन कानूनों की वजह से हमने कितने भाई-बहन खो दिए’
पंजाब के गुरुदासपुर से आए महिला जत्था की प्रधान राजबीर कौर ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने हमारे बारे में बहुत देर से सोचा। इन काले कृषि कानूनों की वजह से हमने अपने कितने भाई-बहन खो दिए। कितने जेल भेज दिए गए। इस बार हमारी दिवाली भी नहीं मनी। इस बार का गुरुपर्व हमेशा याद रहेगा, लेकिन जब तक लिखित में दस्तावेज सामने नहीं आ जाता तब तक यहां से नहीं हिलेंगे।’

महिला किसान राजबीर कौर ने आधिकारिक तौर पर कृषि कानूनों के वापस लिए जाने तक धरना जारी रहने की बात कही है।
महिला किसान राजबीर कौर ने आधिकारिक तौर पर कृषि कानूनों के वापस लिए जाने तक धरना जारी रहने की बात कही है।

‘अभी बॉर्डर छोड़ने का टाइम नहीं आया’
पिछले 11 महीनों से सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर लगातार आंदोलन में कार्यरत रहने वाली समीम चौधरी राजपूत का कहना है मोदी सरकार ने कृषि कानूनों को जो वापस लेने का फैसला किया है ये हमारे लिए सिर्फ 20 फीसदी खुशखबरी है। जब तक संसद से कानून खत्म करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक बॉर्डर पर बैठे रहेंगे।

28 नवम्बर 2020 से देश में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लामबंद हैं। इस आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़ -चढ़कर भागीदारी ली। गुरु पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कृषि कानूनों की वापसी पर किसान खुश भी हैं लेकिन अभी पूरी खुशी के इंतजार में हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी सरकार, किसानों के कल्याण के लिए, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, देश के हित में, गांव गरीब के उज्जवल भविष्य के लिए, पूरी सत्य निष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से ये कानून लेकर आई थी। हमने किसान हित को को हमेशा प्राथमिकता दी है। मैंने किसानों की चुनौतियों को करीब से देखा है। छोटे किसानों की चुनौतियों को दूर करने का प्रयास किया है। सरकार ने फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाया है।’