बड़ी ख़बर

मुख्यमंत्री बघेल ने पंचायत स्तर पर खोला अपने खजाने का द्वार , किया जिला -जनपद व सरपंचों को निहाल

सीएम भूपेश बघेल ने जिला एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों का बढ़ाया पॉवर, सरपंचों का मानदेय किया डबल, खुशी से झूम उठे पंचायत प्रतिनिधि

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायती राज सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की। सीएम की घोषणा से पंचायत प्रतिनिधि खुशी से झूम उठे। सीएम ने सरपंच के लिए नए संशोधित एसओआर जल्द लागू करने की घोषणा करते हुए सरपंचों को 50 लाख रुपए तक के कार्यों को कराने का अधिकार दिया। सीएम ने सरपंचों का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 4000 करने की घोषणा की। वहीं जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अध्यक्ष को अब सरकारी गाड़ी भी दी जाएगी। सीएम ने जिला व जनपद पंचायत के अध्यक्षों के अधिकार को बढ़ाने के साथ पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों की अन्य मांगों पर विचार करने के लिए पंचायत मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की भी घोषणा की।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री हर घोषणा को पंचायत प्रतिनिधियों से पूछ-पूछ कर रहे थे। सीएम के इस अंदाज ने पंचायत प्रतिनिधियों के उत्साह का ठिकाना नहीं रहा। सीएम ने मंच से कहा कि सरपंचों को अभी 20 लाख तक के कार्य करने का अधिकार है, जिसे बढ़ाकर अब 50 हजार किया जाता है। वहीं सरपंचों को मानदेय डबल किया जाता है। सीएम ने जिला पंचायत अध्यक्ष को हर साल 15 लाख, उपाध्यक्ष को 10 लाख और सदस्य को 4 लाख रुपए और जनपद के अध्यक्ष को 5 लाख, उपाध्यक्ष को 3 और सदस्य को 2 लाख रुपए निधि के तौर देने की घोषणा की। जिला पंचायत अध्यक्ष को 15 की जगह 25 और उपाध्यक्ष को 10 की जगह 15 हजार रुपए, जिला पंचायत सदस्य को 6 हजार की जगह अब 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। सीएम ने ग्राम पंचायतों के पंचों को बैठक को मिलने वाले 200 रुपए के भत्ते को बढ़ाकर 500 रुपए करने की घोषणा। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य बजट की योजनाओं के क्रियान्वयन में नोटशीट जिला और जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष को वित्तीय अधिकार भी रहेगा। इस दौरान मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू आदि उपस्थित रहे। 

घोषणाओं के सियासी मायने 
छत्तीसगढ़ में अभी विधानसभा चुनाव को दो साल बाकी है, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इन घोषणाओं को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा दाव खेल दिया है और इसका तोड़ अब विपक्ष के लिए निकाल पाना मुश्किल होगा। सीएम की इस घोषणा से प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर भी भार पड़ेगा। प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के अंतर्गत अभी 27 जिला पंचायतें, 146 जनपद पंचायतें एवं 11,664 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायती राज की इन तीनों इकाइयों के निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या लगभग 1 लाख 90 हजार करीब है। पंचायत प्रतिनिधि काफी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब सीएम ने घोषणा करके एक बड़े वर्ग को साध लिया है।