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दुर्ग ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर हुआ सस्पेंड आखिर क्यों?

अपने कारनामों से चर्चित  फिटनेस सेंटर का संचालक सिस्टम क्यों है बेखबर 

  •  क्यों परिवहन विभाग ने आंखें बंद कर इन पर किया है भरोसा
  •  कौन है इसके पीछे शख्स जो कर रहा हैं सिस्टम को अधिग्रहण 
  •  कौन है वह नंबर का मालिक जो देता है भ्रष्टाचार को अंजाम

राकेश तम्बोली दबंग प्रहरी एम डी, व प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की कलम से ✒️

 

 दुर्ग  ( दबंग प्रहरी समाचार ) : दुर्ग ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर जो कचांदूर में स्थित है वहां कई प्रकार की खामियां देखने को लगातार मिल रही थी जिसमें कभी चेचिस के बारे में संसय पैदा कर अवैध वसूली की जाती थी कभीवाहन की बॉडी छोटी या बड़ी है बात कर अवैध वसूली की जाती थी कभी कोई कारण कभी कोई कारण बता कर। लेकिन जैसे ही इन बातों की जानकारी दबंग प्रहरी को हुई वैसे ही उन्होंने वास्तविकता जानकर अपने विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी प्राप्त,आवश्यक दस्तावेज इकट्ठा कर शिकायत अपने कलम के माध्यम से परिवहन विभाग की आयुक्त श्रेया प्रकाश को की जिस पर आयुक्त महोदय के द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए जांच तय कर दिया गया जिसका नतीजा यहोवा की 12 जून को दुर्ग ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया।

सेंटर बंद का निर्णय सही लेकिन तैयारी नहीं : दुर्ग ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर को बंद करने के बाद जिस तरह से अव्यवस्था फैली है उसे साफ तौर पर दिखता है कि परिवहन विभाग के द्वारा बिना तैयारी में यह निर्णय लिया गया है इसके सीधे जिम्मेदार यहां के जांच अधिकारी हैं जिन्होंने बिना तैयारी के ही इस मामले को अंजाम दिया गया। सबसे बड़े यहां अव्यवस्था इसमें आई की जिन वाहनो के मालिकों ने फिटनेस के लिए अपने राशि यानी चालान दुर्ग ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर के नाम से जमा कर दी थी परंतु इस केंद्र के अचानक बंद जाने पर उनका राशि यहां फस गया वे अपने इस कटे हुए चलन को लेकर ना ही रायपुर या राजनांदगांव या किसी अन्य सेंटर नहीं ले जा सकते क्योंकि दुर्गा के नाम से चालान काटा हुआ है उनके वाहनों का फिटनेस समाप्त हो गया है इसी स्थिति में हुए लाचार हो गए हैं अपनी जीविका चलाने। इस बात को लेकर दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री मृत्युंजय प्रसाद पटेल से भी बात की जहां उन्होंने उच्च कार्यालय में बात करने की बात कही है।

 परिवहन आयुक्त से असुविधा की शिकायत : दुर्ग में चल रहे इन सुविधाओं को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राकेश तंबोली के द्वारा इस मामले की शिकायत सीधे परिवहन आयुक्त श्री एस प्रकाश से की जहां उन्होंने एक-दो दिन में  मामले का हल निकाल लेंगे।

क्या हो सकता है इस मामले का हल : परिवार विभाग से जुड़े पुराने सलाहकारों का कहना है कि जिस प्रकार से मैन्युअल वाहन का फिटनेस दुर्ग आरटीओ परिषर में किया जाता था वैसे ही जिन वाहनों की फिटनेस की पर्ची कट चुकी है उनका मैन्युअल फिटनेस अभी भी आरटीओ परिसर में किया जा सकता है और वाहन मालिकों को राहत दी जा सकती है।

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                    dabangprahari