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दोष सिद्ध होने पर नायाब तहसीलदार का रीडर नौकरी से हुआ बर्खास्त

 

सतना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुराग वर्मा ने तहसील अमरपाटन के सर्किल मौहारी कटरा के नायब तहसीलदार के रीडर मनमरण साकेत सहायक ग्रेड 3 को विशेष पुलिस स्थापना संगठन द्वारा 3500 रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर पकड़े जाने के आरोप और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश सतना द्वारा पारित निर्णय के प्रावधानानुसार शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी बर्खास्तगी आदेश में बताया गया कि विशेष न्यायाधीश द्वारा 16 मार्च 2022 को पारित आदेशों में मन भरण साकेत सहायक ग्रेड 3 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत धारा 7 में 3 वर्ष का सक्षम कारावास एवं ₹2 हजार रुपए के अर्थदंड तथा धारा 13 (1) डी एवं 13(2) मे 4 वर्ष का सक्षम कारावास एवं 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित होने पर शासकीय सेवा से पदच्युत किया गया।
संबंधित कर्मचारी को 11 जनवरी 2019 को निलंबित कर तहसील कार्यालय कोठी समृद्ध किया किया गया था अब दोष सिद्ध पाए जाने पर सेवा से पृथक कर दिया गया है उल्लेखनीय है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासकीय सेवा में सेवारत सेवकों के मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं की उक्त श्रेणी के अंतर्गत आने वाले शासकीय सेवक यदि किसी अपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाते हैं।
जिनमें उनका नैतिक पतन सन लिप्त हो तो उसे मध्य प्रदेश शासन सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम 10 (9) मे प्रावधानित सेवा से पदच्युत करने की शासित अधिरोहित की जानी चाहिए।