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सर्विस बुक ही नियुक्ति अवैध के खोल रही सारे राज

  • एक ही नाम के खेल पर चल रही अवैध नियुक्ति 

  • परियोजना ले निर्माण नियुक्ति अवैध

  • जनशिक्षक की भूमिका पर चल रही नियुक्ति अवैध 

शैलेन्द्र चौरसिया की ✒️……

रामनगर मैहर ( दबंग प्रहरी समाचार )। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत कांग्रेस शासन काल मे दिग्विजय सिंह की सरकार दौरान आदिवासी बस्तियों पर शिक्षा के लिए ईजीएस गुरु जी की नियुक्ति की जाती थी। जिसके लिए गुरुजी का स्थानीय निवासी ग्राम पंचायत का होना सुनिश्चित था। रामनगर विकास खण्ड के जनशिक्षा केन्द्र गोरहाई के गुरजनहा भरतपुर पर आदिवासी बस्ती के बच्चों मे शिक्षा के लिए गुरु जी की नियुक्ति वर्ष 1997 में होती है। जहां जनशिक्षा केंद्र गोरहाई के जनशिक्षक देवेन्द्र बहादुर सिंह का एक ऐसा कारनामा खौफनाक सच जो बीते समय अंतराल दौरान आप के दिल और दिमाग दोनों को दहला देगा। जिसकी कल्पना खबो खयालो सपनों में या फिल्मों में देखने को मिलती है। उसका प्रतिरूप आप के समक्ष होगा। जिसमें विश्वास भी होगा और समय अवधि अंतराल दौरान कार्रवाई भी होगी।
राजीव गांधी शिक्षा मिशन शिक्षा गारंटी योजना के अन्तर्गत गुरुजी की भर्ती जनपद पंचायत रामनगर में स्थाई समिति की बैठक दिनांक 24-09-1997 को अनुमोदन पश्चात ईजीएस केन्द्र ग्राम पंचायत के आदिवासी बस्तियों मे गुरुजी की नियुक्ति की गई।
जिसका प्रथम प्रशिक्षण जिला पंचायत सतना के पत्र क्रमांक 1683 दिनांक 03-06-1998 को जारी हुआ था जिसमें कार्यालय जनपद पंचायत रामनगर द्वारा 06-06-1998 को प्रशिक्षण के लिए पत्र लेख हुआ था। जिसमें रमेश जयसवाल पिता जगदीश जयसवाल कटनी भरतपुर निवासी गुरुजी है। और इन्होंने प्रशिक्षण लिया। जिन्होंने लगातार वर्ष 2003 तक अपनी सेवाएं दी, स्थानीय शिक्षा निकाय संविदा भर्ती होने पर ये वर्ग 03 शिक्षक पद पर नियुक्ति हो गये। किन्तु आज दिनांक तक ईजीएस गुरुजी पर इनके इस्तीफे का उल्लेख रिकार्ड नहीं है। सितंबर 2003 जिला ईजीएस समिति की बैठक दौरान गुरु जी को प्रशिक्षण दिलाये जाने के संबंध पर निर्माण लिया गया। जिसके प्रशिक्षण के लिए जिला शिक्षा केन्द्र सतना द्वारा 23-10- 2004 को समस्त विकास खण्ड समन्वय स्रोत पर गुरुजी प्रशिक्षण के लिए पत्र लेख रहा। जिसमें गुरुजी को 27-10-2004 को पत्र लेख किया गया। योग्यता, निवास, पालक शिक्षक संघ का अनुबंध लेकर जिला प्रशिक्षण संस्थान डाईट सतना प्रशिक्षण के लिए 28-10-2004 को उपस्थित होना था।
जनशिक्षा केन्द्र गोरहाई के जनशिक्षक देवेन्द्र बहादुर सिंह ने नामों का खूनी खेल आरंभ यहां शुरू हुआ। रमेश जयसवाल निवासी कटनी भरतपुर के नाम प्रशिक्षण पत्र जारी होता है जहां पर प्रशिक्षण के लिए रमेश जयसवाल पिता रामचरण जयसवाल निवासी गैलहरी को फर्जी तरीके से प्रशिक्षण के लिए भेज दिया जाता है। जहां प्रशिक्षण के दौरान पालक शिक्षक संघ का अनुबंध और निवास प्रमाण पत्र दोनों प्रस्तुत नहीं हुए। और यहां से शुरू होता है रमेश जयसवाल पिता रामचरण जयसवाल की अवैध नियुक्ति एक ही नाम का खूनी खेल, जांच होगी तो हर सक्षय सामने आएंगे।
ईजीएस गुरुजी गुरजनहा भरतपुर, रमेश जयसवाल पिता रामचरण जयसवाल निवासी गैलहरी का नाम ना तो भरतपुर ग्राम पंचायत ना ही उसका अनुमोदन है। “और ना ही गुरजनहा भरतपुर का निवासी हैं। और ना ही बच्चों के छात्र सूची में इसके हस्ताक्षर हैं। ना ही ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट पर नाम है। रमेश जयसवाल की पत्नी राजेश्वरी जयसवाल की आंगनवाड़ी नियुक्ति ग्राम पंचायत गैलहरी के प्रस्ताव पर है। इनकी भाभी कमला जयसवाल और कुसुम जयसवाल दोनों ईजीएस गुरु जी से भर्ती हैं जिनमें प्रस्ताव अनुमोदन निवास ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट बच्चों की छात्र सूची प्रशिक्षण के लिए पत्र है।
किन्तु ठीक इसके विपरीत रमेश जयसवाल पिता रामचरण जयसवाल निवासी गैलहरी प्रतिरूप रमेश जयसवाल पिता जगदीश जयसवाल निवासी कटनी भरतपुर बनकर सतना 28-10-2004 को ‌प्रशिक्षण में जाता हैं। तब निवास प्रमाणपत्र पालक शिक्षक संघ का पत्र कटनी भरतपुर के नाम?? अवैध फर्जी नियुक्ति रमेश का प्रतिरूप रमेश जयसवाल पिता रामचरण जयसवाल के सर्विसबुक सेवा पुस्तिका में निवास प्रमाण पत्र पालक शिक्षक संघ का अनुबंध पत्र आज भी संलग्न नहीं है।
ईजीएस पाठशाला गुरजनहा भरतपुर जनशिक्षा केन्द्र गोरहाई जनशिक्षक देवेन्द्र बहादुर सिंह थे जिन्होंने कथित तौर पर तीन स्थान पर बड़े बुलंद आवाज पर कहा था की रमेश जयसवाल की नौकरी मेरी दी हुई है। और ये यथा सत्य भी है। वो तीन स्थान में पहला गोरहाई, दूसरा मसमासी पर, तीसरा महेन्द्र रजक की दुकान पर बुलंद आवाज से मौखिक रूप से कहा था।
इसके पीछे बड़ा गुण रहस्य भी है।
समय बीता एक समय अंतराल पश्चात ग्राम पंचायत निर्वाचन उपसरपंच का विवाद रमेश जयसवाल गैलहरी की नियुक्ति अवैध परियोजना ले, इस पर निर्णय करें कार्यवाही का जारी पत्र का लेख हुआ। पत्र और फाइल दफन हो गई। यहां पर भी विशेष भूमिका है।
एक पिक्चर आई थी खेल- सुनील सेठ्ठी, क्रिकेट खिलाड़ी अजय जडेजा की दोनों बहुत अच्छे मित्र थे अजय जडेजा एक केश पर उल्झे, अधिवक्ता की दलीलों पर वर्षों चलने वाला केश कुछ ही तारीखो पर पूर्ण हुआ अजय जडेजा जेल गये, जेल से भागने पर डीएसपी की भूमिका का निर्वाहन करने वाले अभिनेता सन्नी देओल ने पकड़ा केश रिओपेन किया और सारी सच्चाई सुनील सेठ्ठी की समाने आई।
रमेश जयसवाल पिता रामचरण जयसवाल निवासी गैलहरी, “रमेश जयसवाल पिता जगदीश जयसवाल कटनी भरतपुर के नाम पर कर रहा नौकरी वर्षों से उठा रहा फर्जी तरीके से पेमेंट। समय शिकायत काल दौरान बनेगा कुण्डली का ऐसा योग सेवा समाप्त वेतन वसूली और कानूनी कार्यवाही का लेगी रुप।
एक नज़र सिर्फ दस्तावेज पर सत्य ही सामने नजर आएंगी।