(दबंग प्रहरी समाचार) कांकेर। पखांजुर बांदे कापसी लैम्प्स क्षेत्र में किसानों के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया में अड़चनें आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने धान खरीदी शुरू होने से पहले यह वादा किया था कि किसानों का एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा, लेकिन अब किसान अपनी मेहनत का धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पखांजुर क्षेत्र में सैकड़ों किसान ऐसे हैं, जिनका धान का टोकन अभी तक नहीं काटा गया है, और वे धान बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर धान की फसल उगाई थी, लेकिन अब समय समाप्त हो जाने के कारण वे अपनी फसल नहीं बेच पा रहे हैं। किसान इस स्थिति से चिंतित हैं क्योंकि यदि वे अपनी फसल बेचने में असफल रहते हैं, तो उन्हें अपने कर्ज का भुगतान कैसे करना होगा और परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा, यह बड़ा सवाल बन गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में धान खरीदी अभियान 14 नवंबर से शुरू किया गया था और इसकी समय सीमा 31 जनवरी 2025 तक निर्धारित की गई थी। लेकिन किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी स्थिति को समझेगी और समय सीमा को बढ़ाने का निर्णय लेगी ताकि वे अपनी फसल को उचित दाम पर बेच सकें।
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