23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला,
फेक इनवॉयस देने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस ने किया संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
महासमुंद [दबंग प्रहरी समाचार ] । खैर लकड़ी की अवैध तस्करी के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के सिंडीकेट ने पिछले दो वर्षों के दौरान ओडिशा से हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की कथित तौर पर तस्करी की। अवैध कारोबार को कागजों में वैध दिखाने के लिए फर्जी इनवॉयस तैयार किए जाते थे और इसके लिए आठ शेल कंपनियों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।

इस मामले में महासमुंद पुलिस ने फर्जी कंपनियों का संचालन करने और तस्करी के नेटवर्क को फेक इनवॉयस उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे वित्तीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
लकड़ी के कुल 23,350 किलोग्राम अवैध परिवहन से जुड़ा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी के परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई NTPS NOC में कथित तौर पर कूटरचना कर उसका वास्तविक दस्तावेज के रूप में उपयोग करने और शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुंचाने के आरोप में थाना पिथौरा में अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, मामले में अपराध क्रमांक 172/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25 के साथ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) एवं धारा 52(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।