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ओवरलोड से रास्तों में पत्थर, धूल से क्षेत्र की फसल चौपट, हर जगह सेटिंग है भाई.

ओवरलोड से रास्तों में पत्थर, धूल से क्षेत्र की फसल चौपट, हर जगह सेटिंग है भाई..

मैहर का अमगार गांव आदिवासियो का बाहुल्य ईलाका है, इन दिनों शासन की स्वीकृति से केजेएस सीमेंट प्लांट की चूना पत्थर खदान यहां संचालित हो रही है,जहां प्रतिदिन करीब 100 से ज्यादा ट्रकों में ओवरलोड होकर पत्थर का परिवहन होता है,प्रमाण के तौर पर केजेएस की निजी खदान बिना कांटा में तौल करवाए टीपी का कटना, सड़को पर गिरते पत्थर,अंडरलोड की टी.पी फर्जी फिटनेस में धुआं उड़ाते ट्रक, देखकर ऐसा लगता है पुराने समय का कोई असुर नीचे उतर आया है, प्रदूषण विभाग सतना के मानक में भले यहां का प्रदूषण बहुत कम हो लेकिन अगर स्वास्थ्य विभाग निष्पक्षता से लोगों के स्वास्थ्य की जांच करें तो प्रदूषण विभाग की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, लोगों का कहना है कि सरकार की अनदेखी से यहां शासन के नियम विरुद्ध खदान का संचालन केजेएस सीमेंट प्लांट कर रहा है, निश्चित अगर केजेएस सीमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर विराम न लगाया गया तो आने वाले समय में आम जन गंभीर बीमारियों के शिकार हो जायेगे,खनिज/प्रदूषण/परिवहन विभाग की सांठगांठ से किस कदर नियमों की अवहेलना हो रही है यह साफ तौर पर केजेएस सीमेंट प्लांट की खदान अमगार से लेकर केजेएस प्लांट मैहर तक देख सकते है |

वर्तमान समय में पत्राचार को लेकर मैहर एक अलग ख्याति प्राप्त कर चुका है,क्या अमगार ग्राम के आदिवासियों के हित को देखते हुए कोई नेता या नायक मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को इस हालात से रूबरू कराने के लिए पत्राचार या वार्तालाप करने की कोशिश करेगा ??..

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