पीतमपुरा स्थित रविंद्र पब्लिक स्कूल के इन छह शिक्षकों की ओर से कहा गया कि स्कूल ने कोरोना के नाम पर अप्रैल 2020 में गैरकानूनी रूप से इनकी सैलरी 70 हजार से घटाकर 40 हजार कर दी. वहीं मई में इसे भी घटाकर 30 हजार रुपये प्रति महीने कर दिया गया. जबकि मार्च 2020 तक इन सभी को पूरी सैलरी दी जा रही थी.
नई दिल्ली| कोरोना महामारी के शुरू होने के साथ ही दिल्ली के एक निजी स्कूल के शिक्षकों की सैलरी आधी करने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. दिल्ली स्थित रविंद्र पब्लिक स्कूल की पांच शिक्षिकाएं और एक शिक्षक ने कोरोना के नाम पर तनख्वाह घटाने को लेकर स्कूल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. जिसकी सुनवाई करते हुए जस्टिस वी के राव ने स्कूल प्रबंधन और डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन को नोटिस जारी किया है.

पीतमपुरा स्थित रविंद्र पब्लिक स्कूल के इन छह शिक्षकों की ओर से कहा गया कि स्कूल ने कोरोना के नाम पर अप्रैल 2020 में गैरकानूनी रूप से इनकी सैलरी 70 हजार से घटाकर 40 हजार कर दी. वहीं मई में इसे भी घटाकर 30 हजार रुपये प्रति महीने कर दिया गया. जबकि मार्च 2020 तक इन सभी को पूरी सैलरी दी जा रही थी. शिक्षकों ने कहा कि इस संबंध में प्रबंधन से बातचीत करने पर बिना कोई जायज कारण बताए कोरोना महामारी के कारण सैलरी काटने की बात कही गई.
शिक्षकों की ओर से याचिका दायर करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने बताया कि शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस पी के राव ने स्कूल को सभी शिक्षकों को छठे और सातवें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी देने की बात कही है साथ ही डोओई को निर्देश दिया है कि अगर स्कूल ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. वहीं अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टबर को होगी.