क्या यह बात सच है अतुल विश्वकर्मा दुर्ग आरटीओ अधिकारी के संरक्षण में में हो रहा है भ्रष्टाचार?
राकेश तम्बोली दबंग प्रहरी प्रधान सम्पादक की कलम से —
आज से होने जा रहा दुर्ग परिवहन विभाग के कुशासन का अंत ,क्या कल से होगा सुशासन का आरम्भ ?
दुर्ग |अतुल विश्वकर्मा दुर्ग आरटीओ के स्थानांतरण के बाद उनके कार्यकाल के अंतिम प्रहर में उनसे दबंग प्रहरी के प्रधान संपादक राकेश तंबोली ने की विशेष बातचीत जिसमें उन्होंने मोर रूप से स्वीकारा कि उनके कार्यकाल में कार्यालय में भ्रष्टाचार हुआ है और अभी तक हो रहा है। जैसे ही राकेश तंबोली को उनके स्थानांतरण के बाद यहां से रिलीज होने की जानकारी मिली वे विश्वकर्मा जी से मिलने दुर्ग परिवहन कार्यालय में पहुंचे और उन्हें इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि उन्होंने बहुत अच्छे से अपने कार्यकाल में परिवहन विभाग का संचालन किया है, किसी भी तरह की आंच उन्होंने इस विभाग पर नहीं आने दिया है |

उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा जितनी भी शिकायतें परिवहन विभाग की थी आपको की गई थी लेकिन आपने किसी भी एक मामले में सत्यता नहीं दिखाई किसी भी तरह का न्याय नहीं किया केवल उसमें लीपापोती करके फाइल को आगे बढ़ा दिया एक शिकायत की चर्चा करते हुए उन्होंने अतुल विश्वकर्मा जी से कहा कि उनकी शिकायत पर रायपुर मुख्यालय से दो अलग-अलग वाहनों के पंजीयन फर्जी दस्तावेज से किए जाने की शिकायत की गई थी जिस पर आप के कार्यालय में जाँच प्रतिवेदन देने कहा गया उस प्रतिवेदन पर कई माह पश्चात आपके द्वारा लगभग 20 से अधिक बार हमें समय दिया गया कि हम इसकी जांच करेंगे आपको बताएँगे फिर भी जिस अधिकारी को आप ने जांच करने सौंपा था वह अधिकारी केवल एक ही वाहन का वह भी गलत रिपोर्ट आप को सौंपा और आपने उसकी जांच को सही बताते हुए ऊपर मुख्यालय को भेज दिया जबकि हमने बताया कि के फर्जी दस्तावेज की जानकारी हमें है और इस वाहन के दस्तावेज के फर्जी होने को तात्कालिक दुर्ग अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पुलक भट्टाचार्य डिप्टी कलेक्टर ने कूटरचित दस्तावेज करार दिया था उन्होंने भी किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही नहीं की और जिस प्रकार आपने भी इस कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाया इससे यह स्वयं सिद्ध होता है कि वाहन के विक्रेता के द्वारा निश्चित ही किसी न किसी प्रकार का कोई लालच दिया होगा इसके अभाव में कोई भी ऐसी ताकत नहीं है जो सत्यता को झुठला सके अगर दस्तावेज कूट रचित है तो उस पर हर हाल में कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए |
आप के कार्यकाल के अंतिम प्रहर के अंतिम क्षणों में हमने यह भी कहा कि आप के रहते आपके कार्यालय में निजी व्यक्ति हर बाबू के पास में उपलब्ध हैं और वे उनसे कार्य करवाते हैं आखिर उनका वेतन कहां से दिया जाता है उन्होंने केवल मुस्कुरा कर इस बात को टाल दिया यहां तक हमने यह भी कहा कि आपके वाहन ड्राइवर और आपके कंप्यूटर ऑपरेटर भी निजी हैं और आपके अधिनस्थ जो व्यक्ति कार्य कर रहा है वह भी निजी है आखिर इन सभी व्यक्तियों का वेतन कहां से आता है उन्होंने सभी बात पर किसी भी प्रकार का जवाब नहीं दिया फिर उन्होंने एक बात पर चुटकी लिया कि वह स्वयं अपनी वाहन को चलाते हुए आते हैं इस बात पर हमें हंसी आ गई क्योंकि हमारे पास में पुख्ता सबूत हैं कि उनके वाहन वह स्वयं नहीं चलाते थे बल्कि कोई और व्यक्ति चलाता था जो इस परिवहन विभाग के कार्यों में हस्तक्षेप रखता है ।
अब देखना यह है की जब यह अधिकारी महोदय कल रायपुर कलेक्ट्रट ज्वाइन करेंगे तो क्या वो अपने पद से न्याय करेंगे ? या फिर चलता रहेगा गड़बड़ी का सिलसिला
अतुल विश्वकर्मा जी के संपत्ति की होनी चाहिए जाँच !
जिस प्रकार महोदय जी यहाँ दुर्ग कार्यालय में विवादों में रहे है और उनके कार्यकाल में गड़बड़ीयां हुई है और जिस प्रकार मामले को दबाया गया है निश्चित ही ऐसे मामलों में आर्थिक लाभ लिया गया होगा और यदि जाँच हो गे तो हम भी कोई कसार नहीं छोड़ेंगे मामलों को सामने लाने के लिए |सबकी जुबान पर यह चर्चा है की अपने बाबुओ के माधुयम से यहाँ वसूली करवाया जाता था यह बात समय आने परा साबित कर दी जायेगी अभी डर के मारे कोई मुंह नहीं खोल रहा है ,कुछ माह पूर्व यहाँ के परिवहन सलाहकार राजेश अग्रवाल को इस प्रकार दण्डित किया गया की उसका कोई कार्य नहीं होने दिया वो इन अधिकारीयों कर्मचारियों से बहुत ट्रस्ट थे ,आखिर कुछ समय बाद उनका कोरोना से निधन हो गया |
माननीय अतुल विश्वकर्मा चाहे तो जा सकते हैं कोर्ट, कर सकते है मानहानि का दावा
अगर अतुल विश्वकर्मा जी को किसी भी प्रकार की आपत्ति हो या वह हमारी बात को झूठा मानते हैं तो उनका स्वागत है वह कोर्ट निश्चित ही जा सकते हैं हमें बहुत खुशी होगी क्योंकि न्यायालय ही ऐसा क्षेत्र है जहां केवल सबूतों पर ध्यान दिया जाता है वहां किसी भी प्रकार की चलती है और ना ही किसी भी प्रकार का दबाव रहता है। इस इनके कार्यकाल में हुए गड़बड़ियों और कार्यों में की जा रही लापरवाही भ्रष्टाचारियों की जानकारी भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी सहित छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ,परिवहन विभाग के आयुक्त श्री कमलप्रीत सिंह जी और छत्तीसगढ़ के सशक्त पुलिस अधिकारी जो कि वर्तमान में अपर परिवहन आयुक्त के पद पर आसीन हैं श्री दीपांशु काबरा जी को किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचारियों दोषियों को उचित दंड मिल सके और ऐसा नहीं होने पर अंतिम में न्यायालय की शरण में मामले को ले जाएंगे जहां हर हाल में न्याय छत्तीसगढ़ के नागरिकों को मिलेगा यह हमें पूरा विश्वास है|
आने वाले समय में समय समय पर विभाग के द्वारा किये गए भ्रस्टाचारों का खुलाशा किया जाएगा |
