राजनांदगाव ( दबंग प्रहरी समाचार )। विश्व हिंदू परिषद के मातृशक्ति आयाम छत्तीसगढ़ प्रांत स्तरीय 4 दिवसीय अभ्यास वर्ग का 7 मई से 10 मई तक राजनांदगांव स्थित नीरज वाजपेई इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति प्रांत संयोजिका श्रीमति शशि बंछोर के नेतृत्व मेंअभ्यास वर्ग में छत्तीसगढ़ प्रांत के विभिन्न जिलों से आई मातृशक्ति कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई कार्यक्रम का उद्देश्य संगठनात्मक कार्य पद्धति, संस्कृति, जागरण,राष्ट्र भाव एवं सेवा गतिविधियों के प्रति महिलाओं की सक्रिय भूमिका को सुदृढ़ करना रहा।
अभ्यास सत्र में विहिप केंद्रीय मंत्री जी मा. श्री अजय पारीक जी, केंद्रीय संगठन मंत्री मा. श्री विनायक राव जी, क्षेत्र संगठन मंत्री मा. श्री जितेंद्र पवार जी, क्षेत्रीय मातृशक्ति संयोजिका श्री मति सुनीता गर्ग जी, प्रांत मंत्री मा. श्री पुरेंद्र सिन्हा जी, सह मंत्री मा. श्री नंदू राम साहू जी, प्रांत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता बिसेन जी, सह सेवा प्रमुख सु श्री पूजा जैन जी,सह संयोजीका श्री मति उमा गुप्ता जी का विशेष मार्गदर्शन मिला।
व्यक्ति विकास संगठन विस्तार परिवार प्रबोधन धर्म रक्षा सेवा तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों पर आधारित विभिन्न बौद्धिक एवं व्यवहारिक सत्र प्रतिदिन प्रातः 4:30 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित किया। साथ ही योग प्राणायाम गीत अभ्यास सामूहिक चर्चा एवं अनुशासन आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया । कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मातृशक्ति समाज की आधारशिला है और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। संगठित एवं संस्कारित मातृशक्ति ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकती है समापन अवसर पर मातृशक्ति बहनों ने समाज हित और राष्ट्र हित सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। वर्तमान में समाज में व्याप्त सामाजिक सांस्कृतिक चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया गया। आज जो समाज में परिवार विघटन, सांस्कृतिक प्रदूषण नशा, धर्मांतरण तथा कथित लवजिहाद जैसे घटनाओं और चुनौतियों का सामना कैसे करना है इस वर्ग में उन्हें प्रशिक्षित किया गया मातृ शक्तियों को परिवार एवं समाज में सेवा सुरक्षा संस्कार जागरूकता एवं संगठन के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया ।आयोजन के सफलता में समस्त पदाधिकारी गण प्रशिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
