पानी की कहानी,,दुनियॉ पानी-पानी एल &टी की मनमानी,,जनता पी रही पानी क्षेत्र में हर घर पानी,हर खेत को पानी का डंका बज रहा है
सतना/रामनगर पानी की कहानी,,दुनियॉ पानी-पानी एल &टी की मनमानी,,जनता पी रही पानी क्षेत्र में हर घर पानी,हर खेत को पानी का डंका बज रहा है,,लगातार ग्रामीण,नगरीय व वन्य,क्षेत्रो के साथ,सड़को के किनारे,खना-खोदी प्रारम्भ है,,कार्यकारी एजेंसी व सरकारी विभाग का अमला बड़ी मुस्तैदी के साथ,जनता को हर हालात में पानी पिलाने में जुटा हुआ है,,जिला सतना,तहसील रामनगर परिक्षेत्र जो कि बाणसागर बहु उद्देशीय परियोजना के तहत डूब प्रभावित परिक्षेत्र है,यँहा पर लगभग विगत,40-45 सालो से अंतरराज्यीय ,व क्षेत्रीय जनों को पानी,बिजली व अन्य सुविधाएं भरपूर सुलभ कराई जा चुकी है, सरकार व प्रशाशन की दया दृष्टि से संचालित योजनाए- व परियोजनाएं मूर्त होती दिखती है लेकिन यथार्थ में आज आलम यह है ,कि देश व प्रदेश में एक -एक योजनाओं/परियोजनाओ में,लगभग भारत की सम्पूर्ण जनसंख्या से ज्यादा,पैसा खर्च होकर भी, मामला वही का वही नजर आता है,क्षेत्र में कम्पनी के कार्यो की मिसाल यह है कि तथाकथित मानक , पिव्हीसी की पाइपे,मोटी व पतली,गड्ढों,नालियों में दफनाई जा रही है,जिंसमे,न जमीन की लेबिल का पता,न समतलीकरण पर ध्यान,जंहा,से मन पड़ा वही,से जेसीबी चलाकर आधे-अधूरे काम पर इनामों की बारिश है,आलम यह है,की सड़कों,नालियों, खेतो,खलिहानों, सार्वजनिक,जगहों पर ,गड्ढों,व खड्डों की संख्या,देखने योग्य है,जनता के प्लाटो,को खेत बनाकर,,न तो जमीन की पटाई कराई जाती है,न ही काम की पूर्ति व गुणवत्ता पर कोई नजर है,ग्रामो,तक,सही तरीके से पाइप भी नही पहुचाई जा रही,कुल मिलाकर,आम जनता व खेती किसानी के लिए,फिल्टर, मिनरल,शुध्द पेय जल,की उपलब्धता के नाम पर,उक्त कम्पनी द्वारा,पर्यावरणीय मानकों की अवहेलना के चलते,रामनगर, रासादेवरा रोड पर,कम्पनी की खुली वर्कशाप,में बहुतायत में प्लास्टिक की बोरिया, खोखे,या अन्य रॉ मटेरिल,जिन्हें, डिकम्पोजड, न करके खुले में छोड़ दिया जाता,है जो इधर -उधर खेतो ,घरों में उड़कर,मृदा,ह्यूमस को प्रभावित करती है,वही,पर्यावरण को भी नुकसान पहुचाती है,कुल मिलाकर,यह तो एक बानगी है, नगरीय निकाय के पाईप लाइन कार्यो की क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का तो क्रमशः
