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क्या यह सच है कि पुलक भट्टाचार्य काम कर रहे है भाजपा के एजेंट की तरह? कि कोई भी कांग्रेस सरकार का काम आसानी से ना होने पाये

विशेष संवाददाता गोविन्द शर्मा [बिलासपुर] , दबंग प्रहरी प्रधान सम्पादक राकेश तम्बोली [दुर्ग] की कलम से —

क्या एसडीएम भट्टाचार्य को लगता है हर डायवर्सन कराने वाला अवैध प्लाटिंग करेगा?ये किसी और की नहीं बल्कि केवल पुलक भट्टाचार्य की सोच है, क्या राजस्व विभाग में वो अकेले ईमानदार अधिकारी है ? आर आई ,पटवारी और नायब तहसीलदार ईमानदार नहीं हो सकते है? खुद भी उनकी नियुक्ति नायब तहसीलदार के पद पर दुर्ग में हुई थी ,क्या उन्होंने ऐसे कार्य को अंजाम दिया था?

बिलासपुर।  एक तरफ सरकार जहां प्रणाली को सरल करने का प्रयास कर रही है वही बिलासपुर अधिकारी उसे जटिल बनाने का काम कर रहे है।जी हाँ ये वही पुलक भट्टाचार्य है जिन्होंने छत्तीसगढ़ के  भाजपा सरकार के जाने माने नेता के बंगले के आस पास प्राय: देखा जाता था ?इस दौरान वे कोई और पद पर नहीं बल्कि दुर्ग अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के रूप में इन्होने किया था।इनकी शैली ही कुछ ऐसी है कि पहले तो ये अपने कड़कपन का लोगों को दीदार कराते है फिर वे अपने मान अनुसार कार्य को अंजाम देते है। आने वाले समय में हम इनके कारगुजारियों का खुलाशा करते रहेंगे ।इनके कई ऐसे कार्य है जो हमेशा  से ही संवेदनशील दिखाई देते है ,विशेष कल इनकी इसमें है की बाद में इन्ही  प्रताड़ित लोगों से अपना मनचाहा काम करवा लेते है । 

बिलासपुर तहसील और अनुविभागीय (रा.) कार्यालय जैसे सुधरने का नाम ही नही ले रहा है समस्याओं पर समस्या खड़ा करना यहाँ के एसडीएम, तहसीलदारों का जैसे कार्य हो गया है।तत्कालीन अधिकारियों ने जो किया सो किया तात्कालिक अधिकारी जैसे नए पैतरों के साथ आये है ।बिलासपुर एसडीएम इन दिनों ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे है उन्हें जैसे रात को सपना आता है कि जो भी व्यक्ति या किसान अपनी जमीन का डायवर्सन करने आता है वो अवैध प्लाटिंग ही करता है या करेगा। उदाहरण के रूप में जैसे किसी के पास एक एकड़ जमीन है उसे अपनी जमीन का कुछ हिस्सा का डायवर्सन कराना है तो वह डायवर्सन नही करा सकता है क्योंकि एसडीएम भट्टाचार्य जी को भगवान ने यह आशिर्वाद प्रदान किया है जिससे उन्हें यह मालूम हो जाता है कि यह अवैध प्लाटिंग ही करेगा ।
तात्कालिक अनुविभागीय अधिकारी (रा.) द्वारा डायवर्सन करनें के लिए नए दस्तावेज़ मांगे जैसे शपथ पत्र देना होगा कि आप अवैध प्लाटिंग नही करोगे,इंजीनियर या पटवारी का लेआउट नक्शा और नगर एवं ग्राम निवेश के द्वारा जारी मास्टर प्लान की कॉपी को देना होगा इसके बाद भी साहेब देखेंगे कि डायवर्सन करने लायक है कि नही हैं।आमनागरिक एसडीएम साहब द्वारा मांगे गए दस्तावेज मेहनत के साथ पैसा खर्च करके जमा करता है उसके बाद भी एसडीएम साहब उसे खारिज कर देते है क्योंकि उन्हें अब भी लगता है कि किसान उसमे अवैध प्लाटिंग ही करेगा ।किसान या व्यक्ति साहेब द्वारा मांगे गए दस्तावेज जद्दोजहद के बाद अपना धन खर्चा कर तैयार साहेब के कार्यालय पहुँचता है बदले उसे मिलता क्या है सिर्फ और सिर्फ निराशा।एसडीएम साहब को डायवर्सन नही करना है था तो एक सूचना ऑफिस के बाहर सूचना पटक पर चस्पा करा देना चाहिए कि यहाँ डायवर्सन कार्य हमारे कार्यालय द्वारा नही किया जाएगा कृपया आप अपना समय बर्बाद न करे क्योकि हम आपके प्रकरण को खारिज ही करेंगे।सरकार के द्वारा प्रणाली को जितना सरल करने का प्रयास कर रही है उतना ही ये अधिकारी उसे जटिल बना करके आमजनता को परेशान करने से बाज नही आ रहे है।