हरियाणा के पलवल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है, यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर क्या नर्सिंग स्टाफ भी नहीं मिलता है, इसलिए लोगों को निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं और महंगी फीस चुकानी पड़ती है। पलवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिला तो प्रसव के लिए आई महिला ने कार में ही बच्ची को जन्म दे दिया। बच्ची को जन्म देने के बाद जच्चा और बच्चा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों व स्टाफ नर्स की गैर मौजूदगी की शिकायत जिला सिविल सर्जन से की गई है। महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।
पलवल। हरियाणा के पलवल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिला तो प्रसव के लिए आई महिला ने कार में ही बच्ची को जन्म दे दिया।बच्ची को जन्म देने के बाद जच्चा और बच्चा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों व स्टाफ नर्स की गैर मौजूदगी की शिकायत जिला सिविल सर्जन से की गई है। महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।

पलवल के गांव ककराली निवासी दुष्यंत ने बताया कि मंगलवार को उसकी भाभी नीतू को प्रसव पीड़ा होने लगी।जिसके बाद वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अल्लीका पहुंचे तो वहां न कोई चिकित्सक मिला और न ही स्वास्थ्य स्टाफ व नर्स मिली। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ को काफी फोन किए बुलाने के लिए, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में नीतू को प्रसव पीड़ा अधिक होने लगी तो वहां खड़ी एंबुलेंस का सहारा लेने का प्रयास किया, लेकिन एंबुलेंस का चालक भी लापता था। उसे भी काफी फोन किए, लेकिन उसने भी फोन नहीं उठाए।
प्रसव पीड़ा बढ़ते देख तथा नीतू की हालत देख दुष्यंत व उसके परिजन अपनी निजी कार में निजी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही नीतू ने एक बच्ची को जन्म दे दिया। यह देख नीतू के साथ गाड़ी में मौजूद अन्य महिला ने उसकी डिलीवरी कार में ही कराई, जबकि परिजन बाहर कंबल से कार को ढककर खड़े रहे।बच्ची के जन्म के बाद जच्चा व बच्ची को सोहना रोड पर स्थित प्रेम जीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत ठीक है।
दुष्यंत ने बताया कि उसकी भाभी व बच्ची तो ठीक है, लेकिन ऐसी घटनाएं अल्लीका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अन्य महिलाओं के साथ भी घट चुकी हैं। हर बार यही होता है,वहां न कोई चिकित्सक मिलता है और न स्टाफ है। लोग उपचार के लिए भी भटकते रहते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत जिला सिविल सर्जन से तथा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को लिखित रूप में भेज दी है। वहीं इस बारे में जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि वे मामले की जांच कराएंगे तथा जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।