दुर्ग सांसद ने शौचालय निर्माण का 21 लाख गबन करने वालो पर F.I.R के निर्देश के बाद जमा कराये 20 लाख रुपये
पूर्व सरपंच,सचिव,व वेंडर पर कार्यवाही करने से बच रहा जिला-पंचायत
दुर्ग |सांसद विजय बघेल की अध्यक्षता में पिछले माह सितंबर की 29 तारीख को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा‘ दिशा की बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान योजनाओं की समीक्षा के दौरान संसाद विजय बघेल ग्राम बोराई में स्वछ भारत मिशन के तहत हुए शौचालय निर्माण की राशि के समयोजन को लेकर जिला पंचायत के सी.ई.ओ. से कड़े सवाल किये।

आपको बता दे कि वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव के पति रिवेंद्र यादव जब ग्राम बोराई के सरपंच थे, तब ग्राम पंचायत बोराई में शौचालय निर्माण का कार्य 13 वें और 14वें वित्त में मौजूद मनरेगा के मद से किया गया था। ग्राम पंचायत बोराई में 217 शौचालय ग्राम पंचायत के द्वारा और 129 शौचालय हितग्राहियों के द्वारा स्वयं निर्माण किया गया था। हितग्राहियों को 6000 रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से भुगतान किया गया था और पंचायत के द्वारा एक शौचालय के निर्माण में 10,000 रुपये का उपयोग किया गया था। इस पूरे निर्माण कार्य में मनरेगा के 21 लाख 70 हज़ार रुपये की राशि का इस्तेमाल हुआ था। जिसका समयोजन आज से तीन साल पहले ही कर लिया जाना चाहिए था।
लेकिन जिला व जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारीयों के द्वारा इस मामले को भर्षक दबाने प्रयास किया गया, या कहे कि भ्रष्टाचार के इस मामले से जुड़े लोग प्रदेश की सत्ता में मौजूद पार्टी के बड़े नेताओं के करीबी होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कार्यवाही करने से बचतें रहे है।
लेकिन संसद विजय बघेल के हस्तक्षेप के बाद पूर्व सरपंच व वेंडर सिन्हा ट्रेडर्स के द्वारा तीन साल से रुके राशि का ग्राम पंचायत बोरइ के खाते में समायोजित किया गया। जिला पंचायत के बैठक में सांसद विजय बघेल ने 29 सितंबर को इस मामले में जिला पंचायत के सी.ई.ओ को फटकार लगाते हुए वसूली की कार्यवाही के साथ-साथ इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। उसके बाद 10 दिनों के भीतर ही पूरी राशि का समयोजन पूर्व बोरई सरपंच रिवेंद्र यादव व वेंडर सिन्हा ट्रेडर्स के द्वारा पूरी राशि का समयोजन कर लिया गया है।
क्या है मामला
कहते हैं जब सैयां भये कोटवार तो डर काहे का ये वाकया चरितार्थ हो रहा है दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत बोरई में जहां रिवेंद्र यादव, जो वर्तमान जिला-पंचायत दुर्ग अध्यक्ष शालिनी यादव के पति होने के साथ-साथ जिला पंचायतों की बैठक में गृहमंत्री के प्रतिनिधि भी हैं। साथ ही पंचायतीराज के उच्च पद पर आसीन है, ग्राम पंचायत बोरई के सरपंच रहते हुए उन्होंने अपने साथी वेंडर सिन्हा ट्रेडर्स नगपुरा के संचालक ताम्रध्वज सिन्हा से मिलकर 21 लाख 70 हजार रुपए डकार दिए, निर्वाचन के 6 महीने बाद भी कई नोटिस दिए गए पर पैसा पंचायत को वापिस नही लौटाया गया। अब चूंकि जनपद व जिला-पंचायत उनके अधीनस्थ व नतमस्तक हैं ,जिला प्रशासन की क्या मजाल की शासन के पैसों की वसूली कर पाए,।
आपको बता दे की ग्राम पंचायत बोरई के पूर्व सरपंच रिवेन्द्र यादव के द्वारा मनरेगा के तहत ग्राम बोरई में निजी शौचालय निर्माण करवाया गया व उसकी राशि का भुगतान 13 वे वित्त व 14वें वित्त आयोग के तहत किया गया। मनरेगा के तहत बनवाए गए शौचालयों का कुल लागत 21लाख 70 हजार रूपए एफ.टी.ओ. के माध्यम से तत्कालीन सरपंच रिवेन्द्र यादव (जो उस समय सरपंच संघ का अध्यक्ष भी था) के द्वारा जनपद पंचायत दुर्ग से सिन्हा ट्रेडर्स संचालक ताम्रधव्ज सिन्हा जो उसका करीबी आदमी व कार्यकर्ता है के खाते में जमा करवाया गया। लेकिन 3 वर्षा के बाद भी बोरई के पूर्व सरपंच रिवेन्द्र यादव ने सिन्हा ट्रेडस के मालिक ताम्रधव्ज सिन्हा से 21 लाख 70,000 रूपए की राशी को ग्राम पंचायत के खाते में वापस नहीं लिया।

बडे़ नेताओं के साथ सांठ-गांठ के कारण नहीं हो रही कार्यवाही
रिवेंद्र यादव सत्ता पक्ष का नेता है व वर्तमान में उक्त व्यक्ती की पत्नी शालिनी यादव दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्ष है। पूर्व में रिवेन्द्र यादव सरपंच का अध्यक्ष भी रह चुका हैं और साथ ही रिवेन्द्र यादव दुर्ग के बड़े नेता और मंत्री का करीबी भी हैं। इस कारण जिला व जनपद पंचायत के अधिकारी इस मामले को दबाने की भरसक प्रयास कर रहें हैं।

