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दुर्ग पुलिस के सहायक उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव को मिली डॉक्टरेट की उपाधि

  1. मनोविज्ञान विषय ( महिला संबंधी अपराध पर व्यक्तित्व और सामाजिक प्रभाव) में मिली उपाधि 
  2. अब तक 13 विषयों में ले चुके हैं मास्टर की डिग्री 
  3. पुलिस में ज्वाइनिंग के पहले ही दिन  रक्तदान कर समाज के प्रति दिखाई मानवता 
  4. समाज के स्वास्थ्य प्रति सजग अपनी पत्नी सहित कर चुके हैं कई बार रक्तदान 
  5. स्कूली शिक्षा के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से भी हुए सम्मानित 

व्यक्ति एक उपलब्धि अनेक

जी हां हम जिस व्यक्ति की बात कह रहे हैं वह और कोई नहीं बल्कि वो हैं पुलिस विभाग में पुलिस उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव जो वर्तमान में दुर्ग मोहन नगर पुलिस थाने में पदस्थ हैं 

दुर्ग ( दबंग प्रहरी समाचार)। भारती विश्व विद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह मे उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि की उपस्थिति में दुर्ग पुलिस के सहायक उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव को मनोविज्ञान विषय मे उल्लेखनीय शोध के लिए डॉक्टर ऑफ फिलासफी (पी.एच.डी.) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्होंने महिला संबंधी अपराध मे पीड़ित महिलाओं के व्यक्तित्व और सामाजिक समायोजन का मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का मनोवैज्ञानिक अध्ययन किया।

उनके शोध से प्राप्त निष्कर्ष ना केवल शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी है बल्कि ग्रामीण और शहरी पीड़ित महिलाओं के समझ मे होने वाले परिवर्तन और भविष्य में आने वाली परिस्थितियों का सामना करने मे उपयोगी है। डॉ. पूर्णिमा तिवारी एवम डॉ. सर्वेश सिंह के मार्गदर्शन मे उन्होंने उक्त शोध पूर्ण किया है।

ज्ञात हो कि पुलिस विभाग मे आने के पूर्व एवं बाद से ही निरंतर अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए एएसआई यशवंत श्रीवास्तव ने कुल 13 विषयों पर मास्टर डिग्री प्राप्त करने के साथ-साथ बी.एड., एल.एल.बी., आई.टी.आई. एवं डिप्लोमा इन साईबर क्राईम, डिप्लोमा इन योग साईंस, डिप्लोमा इन साइकोलॉजिकल गाईडेंस एण्ड काउंसलिंग का कोर्स पूर्ण किये हुए हैं। कुल 21 डिग्री एवम डिप्लोमा की पढाई किये हुए है, वे पुलिस विभाग में जॉइनिंग के प्रथम दिन ही इनके द्वारा रक्त दान किया गया था जो इनके मानव धर्म के प्रति समर्पण को दिखाता है।

उनकी विवेचना में नवजात शिशु की हत्या के मामले में माननीय न्यायालय से आरोपी को फांसी की सज़ा हुई थी तथा इनको स्कूली पढ़ाई के दौरान राष्ट्रपति डॉ. आर. वेंकट रमन द्वारा राष्ट्रपति अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। पुलिस विभाग जैसे व्यस्ततम एवं समयाभाव वाले क्षेत्र मे कार्य करते हुए इतनी डिग्री एवं डिप्लोमा प्राप्त करते हुए पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त करना वास्तव मे एक एतिहासिक एवं असाधारण उपलब्धि है जो कि छत्तीसगढ़ पुलिस मे सर्व उत्कृष्ट योग्यता वाले पुलिस के रूप मे स्थापित करती है।

उनकी अदम्य लगन, निरंतर उत्साह तथा अध्ययन के प्रति गहन समर्पण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इनकी पुत्री सुप्रसिद्ध गायिका छत्तीसगढ़ की शान की उपाधि से नवाजी गई पूर्वा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं पिता के रूप मे आपकी भूमिका अत्यंत प्रेरणादायी है। इसमे उनकी धर्मपत्नि प्रीति श्रीवास्तव की0 भी अहम भूमिका है। दुर्ग रेंज आईजी राम गोपाल गर्ग ने दुर्ग जिले में हमेशा से ही इन्हें काफी प्रोत्साहित किया है। उनकी इस उपलब्धि के लिए पुलिस के आला अधिकारी एवं पुलिस विभाग एवं छत्तीसगढ़ मंच, अधिवक्तागण, समाजसेवी एवं दुर्ग शहर के निवासियों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।