रायगढ़,(दबंग प्रहरी समाचार) । कोतवाली पुलिस ने पुरानी हटरी पर हुए बुजुर्ग महिला और उसके बड़े भाई की हत्या की मिस्ट्री को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल द्वारा गठित विशेष टीम ने हत्या को अंजाम देने वाले दो युवक और साक्ष्य छिपाने में उनका सहयोग करने वाली युवती को गिरफ्तार किया है। बीते 12-13 जनवरी के दरमियानी रात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी हटरी निवासी सीताराम जयसवाल (उम्र 78 वर्ष) और उसकी बहन अन्नपूर्णा जायसवाल (उम्र 68 वर्ष) का शव उनके घर के में मिला था । मृतक सीताराम के ममेरे भाई अशोक जायसवाल के रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 24/2025 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल द्वारा एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला, डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में चार अलग-अलग टीमें बनाई गई जिसमें निरीक्षक, उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई । पुलिस टीम के साथ, फॉरेंसिक टीम, साइबर सेल एवं पुलिस डॉग द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य साक्ष्य जप्त किया गया । पुलिस मामले की सभी पहलुओं पर विवेचना कर रही थी, एक टीम घटनास्थल एवं शहर के करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए घटना कारित करने वाले दो आरोपी किशन शर्मा और अतुल डनसेना की स्पष्ट पहचान की गई । आरोपियों की धरपकड़ में तेज हुई पुलिस की गतिविधि को देखते हुए 18 दिसंबर को आरोपी किशन शर्मा अपनी मंगेतर दिव्या सारथी और आरोपी अतुल डनसेना के साथ गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली फरार हो गया था । पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीमावर्ती जिलो और आरपीएफ को आरोपियों के फोटोग्राफ्स साझा किया गया जिससे झांसी आरपीएफ द्वारा आरोपियों को गोंडवाना एक्सप्रेस से नीचे उतारा गया । रायगढ़ पुलिस टीम द्वारा उन्हें बयान के लिए रायगढ़ बुलाया गया, सघन पूछताछ पर तीनों आरोपियों ने घटना की स्वीकार किया। आरोपियों से मिली जानकारी अनुसार आरोपी किशन शर्मा को आशंका थी कि अशोक जायसवाल एक बड़ी रकम उसके ममेरे भाई सीताराम के घर हटरी पर छिपा कर रखा है । तब किशन ने परिवार के शगुन डेयरी में काम करने वाले अतुल डनसेना को हत्या कारित कर रूपए चोरी करने का प्लान बताया और घटना के तीन दिन पहले प्रेमिका दिव्या सारथी के किराया मकान हीरापुर में तीनों हत्या और चोरी का प्लान बनाएं और योजना के मुताबिक दोनों आरोपी ने मास्क और ग्लव्स खरीदे और एक लोहे का सब्बल को दिव्या के गृह ग्राम धनगांव (पुसौर) से लेकर आये और दिव्या के किराया मकान पर रखें । योजना के मुताबिक दोनों आरोपी 12 जनवरी की रात हीरापुर किराए मकान से मोटरसाइकिल में सवार होकर पुरानी हटरी आए, मोटरसाइकिल को खड़ी कर मध्य रात्रि सीताराम के घर के पास पहुंचे, कोई हलचल नहीं होने पर अतुल डनसेना दीवाल फांदकर अंदर गया, दरवाजा खोला तब किशन दरवाजे से अंदर प्रवेश किया । अंदर 3-4 लोग जिसमें अशोक जायसवाल, सीताराम उसकी दोनों बहने मौजूद थे । तब दोनों आरोपी स्टोर रूम में छुप गए । अशोक और गीता के खाना खाकर जाने के बाद आरोपियों ने अन्नपूर्णा जायसवाल पर लोहे के सब्बल और ईट से वार किया । अन्नपूर्णा की चीख सुनकर सीताराम बाहर निकला जिसे भी दोनों आरोपी सब्बल, ईट से मारपीट कर हत्या किये फिर दोनों घर में रुपए तलाश किये नहीं मिलने पर वापस बाहर आए और वापस दिव्या के घर पहुंचे और दिव्या को घटना बताएं । इसके बाद शहर में पुलिस की हलचल देखकर 18 जनवरी को तीनों पुलिस पकड़ से बचने ट्रेन फरार हो गए थे । पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रेलवे स्टेशन पार्किंग में खड़ी हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल स्प्लेंडर प्लस तथा घटना समय पहने हुए कपड़ा, मास्क, ग्लव्स और 03 मोबाइल को जब्त किया गया है। प्रकरण में धारा 238, 61(2),3(5) बीएनएस विस्तार कर आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया है।
बड़ी ख़बर
- अगले 5 साल में मध्यप्रदेश में बंद होंगे 7 हजार स्कूल
- श्री राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या के नए सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा
- अब हुआ छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग मे तबादला
- ‘सन्नाटे में तेरी आहट’ के लिए माही संतवानी को मिला सम्मान
- जुबानी शिकायत पर बिलासपुर पुलिस ने किया आनन-फानन में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष पर FIR
- नमक की जगह मिलाया मिड डे मिल में सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत
- कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और आपसी भाईचारे का है पर्व : देवेंद्र...
- 17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट के लिए निकलेगी भव्य कांवर यात्रा
- आजादी के इस पर्व पर हमें शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए...
- स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक : डॉ.मनीष पारख