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जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज आदिवासी और एससी वर्ग उतरे सड़क पर

भाजपा पार्षद अजीत वैद्य के नेतृत्व में किया प्रदर्शन सौपा ज्ञापन

दुर्ग  (दबंग प्रहरी समाचार) । नगर निगम के सदन में जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद भी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से आदिवासी और ओबीसी वर्ग समाज सड़क पर उतर गया है। ग्रीन चौक से कलेक्ट्रेट ऑफिस तक पैदल मार्च का मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सोपा गया। समाज के लोगों ने ज्ञापन में लिखा है कि छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेश अनुसार जाति प्रमाण पत्र बनाने में सलीकरण करने के बावजूद निगम द्वारा प्रस्ताव पास करने के बाद भी जिला प्रशासन इसकी अनदेखी कर रही है, उन्होंने नियम के अनदेखी कर समाज को गुमराह कर जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाने का आरोप लगाया है जिससे एससी-एसटी समाज आहत होकर ग्रीन चौक से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकलने एकजुट हो गए हैं।

भाजपा पार्षद वार्ड क्रमांक 12 के अजीत वैद्य बताया कि नगर निगम के सदन में 161 आवेदन और दूसरे चरण में 392 आवेदन के प्रस्ताव को पास भी कर दिया गया था ऐसे में उम्मीद थी कि जल्द ही आवेदनों का जाति प्रमाण पत्र बन जाएगा लेकिन दुर्ग एसडीएम द्वारा वर्ष 1950 के रिकॉर्ड की मांग की जारी है इससे कई पीढ़ियों के वंश वाली मांगी जा रही है जबकि मुख्यमंत्री ने इसे सरलीकरण किया है इसके बाद भी लोग जाति प्रमाण से वंचित हो रहे हैं। पहले भी इसमें नाराजगी जता चुके हैं, नगर निगम के सामान्य सभा के आयोजन विगत दिनों किया गया रहा इस दौरान में भी पुराने आवेदन को निपटारा नहीं की जाने के खिलाफ नाराजगी जताई गई थी यहां पर एक भी लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बना है। पार्षद अजीत का कहना है कि प्रशासनिक लचरता के कारण लोग जाति प्रमाण बनाने प्रशासनिक गलियारों के चक्कर काटने में मजबूर हो रहे हैं इस पैदल मार्च में शामिल बच्चे युवा महिलाएं बुजुर्ग समता सुरक्षा सेना के नेतृत्व में रैली में अरविंद चौधरी प्रदेश अध्यक्ष समता सुरक्षा सेवा एवं पूरी टीम समाज के सहयोग से इस आंदोलन को सफल बनाने में एक जोर दिखे इस दौरान अजीत वैद्य अनिल जोग विजय बोरकर शैलेश भीमते अजय शिंदे बबलू चौरे अनिल वासनिक पच भाई कौशिक संकेश राहुलकेर बी आर कटने एवं सब की उपस्थिति रही।