क्या विभागीय जांच में दफन हो जाएगा शिवकुमार लाल चतुर्वेदी की सेवा समाप्ति के अनुशंसा आदेश।


अनुविभागीय अधिकारी ने चार संतान शिक्षक के सेवा समाप्त किये जाने का सतना कलेक्टर को किया पत्र लेख।
रामनगर सतना(शैलेन्द्र चौरसिया) — शिक्षा विभाग के जिला और संभाग में बैठे अधिकारियों के संज्ञान में कई बार चार संतान सेवक की सत्यप्रति प्रमाणित दस्तावेजों के साथ शिकायत हो चुकी है। किन्तु दायित्व परिपालन के प्रति भ्रष्टाचार में लिप्त होने की बजह से शिकायते अंध कोठरी मे दफन होते चली गई।
*तत्कालिक संयुक्त संचालक नीरव दीक्षित रीवा के समक्ष 03-12-2020 को चार संतान सेवक की शिकायत हुई थी जिसकी डाक डिलेवरी 05-12-2020 को कार्यालय में इन्हें प्राप्त हो चुकी थी। जिस पर इन्होंने दूरभाष चर्चा पर संज्ञान में ना होना बताया गया था। वा व्हाटशाप में सारी डिलेटी ली गई थी। किन्तु नतीजा परिणाम शून्य रहा।*
जिला शिक्षा अधिकारी सतना के समक्ष चार संतान सेवक की कई बार शिकायत हो चुकी है जिसमें जनपद पंचायत रामनगर जिला शिक्षा केन्द्र सतना के पत्र भी मूलतः प्रति के साथ पहोंच चुके थे। किन्तु दायित्व परिपालन में भ्रष्टाचार व्याप्त हो जाए तो कार्यवाही नही होती लिफाफों का आदान चालू हो जाता है।
*अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग रामनगर द्वारा सेवा समाप्त की अनुशंसा आदेश जारी किये गये। जिसमे जिला शिक्षा अधिकारी नीरव दीक्षित ने विभागीय जांच का उल्लेख बताया गया था।*
विकाश खण्ड क्षेत्र रामनगर के मिरगौती जनशिक्षक शिवकुमार लाल चतुर्वेदी की लगातार हो रही शिकायत को संज्ञान में लेते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी रामनगर राजेश मेहता जांच उपरांत शंकुल प्राचार्य के पत्र वा सेवा पुस्तिका में दर्ज चार संतानों का लेख फर्जी गोदानाम वा माध्यामिक कक्षा की फर्जी टीसी अंकसूची के सम्बन्ध पर विद्यालय संचालक प्रमाणीकरण वा थाना को दी गई सूचना पत्र के आधार पर जहां विकाश खण्ड शिक्षा अधिकारी को पत्र लेख मिले ज़बाब में असंतोष किया गया।
*शंकुल प्राचार्य के पत्र अध्यापक संवर्ग में सम्मिलियन दिनांक 01-4-2007 क्रमोन्नति दिनांक 12-4-2015 एवं शिक्षा विभाग में सम्मिलियन दिनांक 01-7-2018 को इनके सेवा पुस्तिका में चार संतानों का साफ शब्दों पर लेख है। तथा इनके द्वारा फर्जी गोदनामा महज शपथ पत्र 10-02-2021 को प्रस्तुत किया गया था।*
जब की गोदनामा भारत सरकार की सेवा भारती मातृछाया संस्थान से आवेदन के पश्चात सक्षम अधिकारी के जांच उपरांत दाम्पत्ति जोडे की आयु 110 बर्ष अर्थात 57 पुरूष वा 53 बर्ष महिला आयु होनी चाहिए। उसके उपरांत दस्तक अभिभावक के सम्पूर्ण सम्पत्ति के ब्यावरा पश्चात नावालिक बच्चे 08 बर्ष तक के बच्चों का गोदनामा एडीजे कोर्ट द्वारा जारी होता है। पुष्टि की।
*महामहीम राज्यपाल के प्रकाशित गजट 05 जुलाई 2006 अनुसार 26 जनवरी 2001 के बाद जिनकी दो से अधिक जीवित संतान है वो नियुक्ति के लिए पात्र नही है।*
इनके चार संतानों का लेख क्रमशः
*1.अभितेष चतुर्वेदी पिता शिवकुमार लाल चतुर्वेदी जन्म तिथि 05-08-1993*
*2. कु. शुभागी चतुर्वेदी पिता शिवकुमार लाल चतुर्वेदी जन्म तिथि 12-04-1999*
*3.कु.भूमिका चतुर्वेदी पिता शिवकुमार लाल चतुर्वेदी जन्म तिथि 17-10-2001*
*4.शुयास चतुर्वेदी पिता शिवकुमार लाल चतुर्वेदी जन्म तिथि 15-08-2004*
जो प्रकाशित गजट पर नियुक्ति अबैध।
*विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 559 दिनांक 18-12-2019 के अनुसार इनकी नियुक्ति अबैध*
माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्ड पीठ के आदेश दिनांक 30-06-2021 के अनुसार इनकी नियुक्ति अबैध।
*जिसमे दस्तावेजों का परिक्षण पुष्टि विधिवत जाच उपरांत कलेक्टर सतना को सेवा समाप्त किये जाने का लेख किया गया।जिसकी प्रतिलिपि जिला पंचायत सीईओ वा जिला शिक्षा अधिकारी सतना को भेजी गई।*
*कथन———————*
अनुविभागीय अधिकारी ने जांच पश्चात कार्यवाही का लेख किया है। सेवा समाप्त की अनुशंसा है विधिवत प्रोसेस आधार पर ही कार्यवाही होगी।
*जिला शिक्षा अधिकारी नीरव दीक्षित*👇