गाजे बाजे के साथ माँ काली की मूर्ति विसर्जित ,नये मूर्ति की हुई स्थापना
भिलाई। हुडको स्थित कालीबाड़ी में माँ काली की नई मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा शुरू हो गई। बुधवार की सुबह 7 बजे बंगाली समाज की महिलाएं व पुरुषों द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना के बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शिवनाथ नदी पहुंची जहां पूजा पाठ के बाद माँ काली की पुरानी मूर्ति को विसर्जित कर शोभायात्रा वापस हुडको स्थित कालीबाड़ी पहुंची। तत्पश्चात सुबह 9.15 बजे अतिथियों व रामकृष्ण मिशन के स्वामी जी महाराज द्वारा द्वारोन मोछोन, सुबह 10 बजे माँ काली की महा शक्तिभिषेक सहित रुद्राभिषेक व नवग्रह महाभिषेक, दोपहर 3 बजे शांति जल अभिसिंचन एवं पंचामृत वितरण वितरण की गई। शाम 7 बजे संध्या महाआरती, शाम 7.30 बजे से भजन कीर्तन एवं जेएमसी बैंड द्वारा कल्चरल प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे।

5 मई की सुबह 8.30 बजे माँ काली सहित अन्य देवी देवताओं की घट प्रतिष्ठापना, शांति यग्ना एवं नित्या पूजा, दोपहर 12 बजे होम यज्ञ, 3 बजे शांति जल अभिसिंचन सहित प्रसाद वितरण, शाम 7 बजे संध्या महाआरती, 7.30 बजे भजन कीर्तन एवं बाउल गीतों की प्रस्तुति हुई ।
6 मई की सुबह 8 बजे 108 मंगल कलश स्थापना के साथ ही मां कॉली की महा शक्तिभिषेक, पुष्पांजलि व मध्यान आरती के साथ ही रुद्रभिषेक एवं विशेष पूजा अचर्ना, दोपहर 3.30 बजे शांतिजल अभिसिंचन एवं आशीर्वाद, प्रसाद वितरण, शाम 5.30 बजे भजन-कीर्तन, शाम 7 बजे संध्या महाआरती, शाम 7.30 बजे भोग प्रसाद वितरण के साथ ही सांस्कृतिक आयोजन के तहत हुडको भिलाई की कलाकारों द्वारा प्रस्तुती दी गई ।
इस दौरान एसडी जोआद्दार अध्यक्ष, रुपक दत्ता महासचिव, तामल दास कोषाध्यक्ष, प्रदीप चक्रवर्ती प्रमुख सलाहकार, श्यामल रॉय सलाहकार, निताई चक्रबर्ती मंदिर पूजारी, सुभांकर रॉय सहित बबलू बिश्वास, अरुप सेनगुप्ता, सुभांकर मजूमदार, संजय मुखर्जी, संजय गुहा, संदीप दत्ता, तमल दास, सुब्रत सरकार, देबाशीश मजुमदार, मानस कर, सुदीप दास आदि सहित बड़ी संख्या में शामिल की महिलाएं उपस्थित थी।