राकेश तम्बोली दबंग प्रहरी प्रधान सम्पादक —-
लोगों की जान-माल को खतरा, इंडेन गैस के अधिकारी अनुज खण्डेलवाल या देव इन्द्रास के संचालक: जिम्मेदार कौन?
दुर्ग |जी हां आप सही समझ रहे हैं, हम उस देवइंद्रास गैस एजेंसी की बात कर रहे हैं जो इंडेन गैस सिलेंडर (एलपीजी) का दुर्ग शहर में वितरक है। यह दुर्ग बस स्टैंड के सामने हाउसिंग बोर्ड कांप्लेक्स में स्थित है। यह जगह हमेशा संवेदनशील बना रहता है क्योंकि इनके दुकान के बाहर हमेशा 80 से 100 भरे हुए सिलेंडर दोनों वक्त रहते हैं। अगर यहां कोई भीषण घटना घट जाए तो अचंभा बिल्कुल नहीं होगा कारण इसलिए की यह दुकान मुख्य रोड से लगी हुई है जहां पर सभी प्रकार के वाहनों का आना जाना रहता है। क्योंकि यहां मुख्य रोड है इसलिए यहां प्राय: घटनाएं घटती रहती हैं।हमारे समाचार प्रकाशन के बाद से इस एजेंसी ने यहाँ से सिलिंडर देना बंद कर दिया रखना बंद कर दिया ,लेकीन चोरी धोखाधड़ी कर्णि नही छोडी ।

बिल्कुल यह बात यहां कहा जाना इसलिए लाजमी है की किसी भी तरह का कोई भी गैस सिलेंडर वितरण अपने मुख्य आफिस दुकान में केवल गैस सिलेंडर की पर्ची काट सकता है यानी सिर्फ पर्ची काटने का काम यहां पर होता है और इसके अलावा किसी भी तरह से भरे हुए सिलेंडर को उपभोक्ताओं को नहीं दिया जाता (कुछ आपातकालीन स्थिति को छोड़कर)। साथ ही इस गैस एजेंसी में उपभोक्ता के लिए किसी भी प्रकार की सुविधाएं मौजूद नहीं है न ही उनके बैठने की व्यवस्था यहां पर की गई है। प्यास लगने पर पानी की सुविधा भी नहीं है।
इस एजेंसी में जिस प्रकार की घटना चल रही है उसके बारे में हम इस एजेंसी के संबंधित इंडेन गैस के एरिया मैनेजर याने कि क्षेत्र के विभागीय नियुक्त अधिकारी अनुज खंडेलवाल से फोन पर बात कर जानकारी लेने की कोशिश की तो उन्होंने पहले हमें दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया और फोन को काट दिया। फिर उन्होंने फोन रिसीव भी नहीं किया। इससे जाहिर होता है कि वह इस खुले गड़बड़झाला में इस गैस एजेंसी का भरपूर साथ दे रहे हैं।
इंडेन गैस के सुरक्षा अधिकारी अनुज खण्डेलवाल भी केवल नोट कमाने में लगे हुए है यही कारण है कि खुद उसकी पहचान दुर्ग जिला चिकित्सालय में नौकरी कर चुके प्रतिष्ठित डाक्टर आर के खण्डेलवाल के प्रतिष्ठा धूमिल हुई है |
देव इन्द्रास गैस एजेंसी क्या कर रहे हैं नियमों का पालन?
जिस तरह से इंडेन गैस (एलपीजी) एजेंसी अपने दुकान की सीमा के बाहर भारी मात्रा में भरे हुए घरेलू सिलेंडर और कमर्शियल सिलेंडर रखे जाते हैं क्या पुस्तकों से कोई वितरक भरे हुए सिलेंडर इतने अधिक मात्रा में रह सकता है। यह बात बहुत ही संवेदनशील है। इस बारे में केन्द्र सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि भरे हुए सिलेंडर को आवादी से दूर रखा जाए और उसी स्थान से डिलिवरी हो। यह मुख्य सड़क से लगा हुआ है इसलिए और भी अधिक यह जगह संवेदनशील की श्रेणी में आता है और गैस वितरक एजेंसी के द्वारा किस तरह के कार्य करने पर आखिर क्यों किसी प्रशासनिक अधिकारी और विभाग नगर निगम अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ती। आए दिन नगर निगम दुर्ग द्वारा प्राय: सभी दुकानदारों को अपनी सीमा से बाहर सामान रखने पर चेतावनी देता है और चेतावनी ना मानने पर उनके सामान को जब्त कर लिया जाता है क्या कभी नगर निगम में इस ओर ध्यान दिया है आखिर नहीं दिया है तो क्यों क्या देव इंद्राज गैस एजेंसी नियमों का पालन कर रही है।
मौसा को बनाया मजदुर ,उसके बेटे को बनाया मैनेजर
यहाँ के संचालक इतना शातिर है की उसने अपने रिश्तेदारों की भी ऐशी तैसी करने की कोई कसर नहीं छोड़ी है |जहाँ एक और अपने मौसी के पति को उसने अपने गैस के गोदाम में मजदुर बना के रखा दिया है वहीं उसके बेटे विपिन को अपने साथ मैनेजर बना के रखा हुआ है यही कारण है की विपिन पूरा एक घटिया व्यक्ति हो गया है ,कम से कम रिश्तेदार को तो इज्ज़त वाली जगह देखते |