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दुर्ग के RTO के परिवहन निरीक्षक जांगड़े स्वयंभू क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बनकर दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पटेल को दे रहे खुलेआम चुनौती

                                                                 राकेश तम्बोली की ✒️ से……..

 

क्या यह सच है दुर्ग में है दो क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी?

 

दुर्ग के वास्तविक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मृत्युंजय प्रसाद पटेल
दुर्ग के वास्तविक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मृत्युंजय प्रसाद पटेल

क्यों डर रहे हैं दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बनकर  मुख्यालय नवा रायपुर से आये कृष्ण कुमार पटेल जांगड़े के ऊपर कारवाई करने के लिए,क्या किसी मामले में उनको जांगड़े के द्वारा फंसाने का डर  है? अगर ऐसी बात नहीं है तो फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं या फिर उन्होंने भी अपने विभाग के लिपिकों की तरह मान लिया हैं की दुर्ग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सनद कुमार जांगड़े ही असली अधिकारी हैं।

 

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 दुर्ग (दबंग प्रहरी समाचार) :- आजकल दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय बहुत ही चर्चा में चल रहा है इसका कारण यह है कि यहां पर स्वयंभू क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बनकर बैठे हैं दुर्ग के परिवहन निरीक्षक सनत कुमार जांगड़े!  यह बात हम ऐसे ही नहीं लिख रहे हैं इसके पीछे पुख्ता कारण है संबंधित दस्तावेज,जिसकी सिक़ायत हमने दुर्ग कलेक्टर महोदय श्री अभीजीत सिंह को किया है।

पहले से ही कर रहे थे ये हिमाक़त :

 दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी  श्री एस एल लकड़ा जी जो अप्रैल में परिवहन विभाग से सेवानिवृत हुए हैं उनके कार्यकाल में ही सनत कुमार जांगड़े अपने आप को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी समझ बैठे थे और इसी के चलते उन्होंने अपने विभाग के तमाम लिपिक को भी निर्देश दिया था कि वह उनको ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी समझे उन्होंने यह समझ लिया था कि श्री एस एल लकड़ा के सेवनिवृत होने के बाद दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का प्रभार उनको सौंप दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ श्री एस एल लकड़ा के सेवानिवृत्ति के पूर्व ही दुर्ग के नये क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के रूप में श्री मृत्युंजय प्रसाद पटेल की नियुक्ति कर दी गई थी जिस पर सनत कुमार जांगड़े के सपनों पर पानी फिर गया पर उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कार्य गुजारियों को बखूबी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बनकर अंजाम देते रहे और उनका इस कार्यालय के लिपिक ने भरपूर साथ दिया।

बाबू बनने से लेकर उच्च अधिकारी बनने का सपना 

 सपने देखना कोई गलत बात नहीं है हर व्यक्ति को सपना देखना चाहिए क्योंकि जो सपना दिखेगा वही अपने मंजिल तक पहुंच सकता है यह कहना हमारे भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साहब का।

 हमारे दुर्ग के परिवहन निरीक्षक से जाँगड़े साहब ने इसका गलत ही मतलब निकाल लिया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर पदोन्नति होने के पूर्व ही उन्होंने अपने आप को क्षेत्रीय प्रबंधन अधिकारी समझ बैठे हैं और एक दो या पांच या 10 या 100 पेज नहीं बल्कि सैकड़ो दस्तावेजों पर उन्होंने अपने आप को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बताते हुए हस्ताक्षर किया है।

 परिवहन विभाग से इनके संबंधों के बारे में पता चला है कि वह पूर्व में इस विभाग में बतौर एक बाबू के पद पर नियुक्त होकर आए थे जहां से पदोन्नति होकर विधिवत परिवहन निरीक्षक बने हैं लेकिन जिस तरह से उन्होंने ऊंची उड़ान बनकर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर कब्जा जमाने की कोशिश की है उससे उनकी मानसिकता का पता चल गया है कि यह क्या सोच रखे हुए हैं।

कार्यवाही नहीं करने पर कलेक्टर उठा सकते हैं कानून का डंडा 

 जिस तरह से दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के परिवहन निरीक्षक सनत कुमार जांगड़े के द्वारा गड़बड़ी की जा रही है और उनकी शिकायत दुर्ग के विधिवत पदाधिकारी श्री मृत्युंजय प्रसाद पटेल को देने के बाद भी कार्यवाही नहीं किए जाने पर यह संभव है कि दुर्ग जिले के मुखिया प्रशासनिक अधिकारी माननीय कलेक्टर महोदय उचित कार्रवाई करने अपना कदम उठा सकते हैं क्योंकि यह सिर्फ एक विभाग का नहीं प्रशासन का एक महत्वपूर्ण अंग है जहां पर खुले आम सत्ता को चुनौती दी जा रही है।