कोरोना से मरने वाले 96% लोगों को कोई न कोई बीमारी थी: सबसे ज्यादा जान 45+ ने गंवाई
भोपाल । कोरोना से भोपाल में अब तक 1002 लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रेंड सामने आया है कि इनमें से 96% लोग पहले से किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। बाकी 4 प्रतिशत को कोरोना के अलावा दूसरी बीमारी नहीं थी। यह खुलासा कोरोना की शुरुआती दो लहरों के कोविड मृतकों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। यह रिपोर्ट सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज व स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स ने तैयार की है।

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना से मरने वाले वालों में 40% को हाइपरटेंशन (ब्लड प्रेशर) और 36% को डायबिटीज पहले से थी। जो मौतें हुई थीं, उनमें से 85% की उम्र 45 या उससे अधिक थी। इनकी संख्या 853 है। यानी पहली दोनों लहरें सबसे ज्यादा 45 से अधिक उम्र वालों के लिए जानलेवा रहीं।
गांधी मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. निशांत श्रीवास्तव के मुताबिक भोपाल में कोविड से करीब एक हजार लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा वह लोग थे, जो हाइरपटेंशन से पीड़ित थे। इस बीमारी में ब्लड प्रेशर हाई होने पर छोटी कोशिकाओं से निकलने वाले छोटे-छोटे केमिकल्स, किडनी, हार्ट और ब्रेन को डैमेज करने लगते हैं।
इस कारण हाइपरटेंशन पीड़ित मरीज को कोरोना होने पर रिकवरी की संभावना कम हो जाती है। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार कोविड मृतकों में करीब 36% डायबिटिक थे। इस बीमारी में मरीज की इम्युनिटी वीक हो जाती है। वायरल इंफेक्शन होने पर डायबिटिक का इम्यून सिस्टम रिस्पॉन्स नहीं करता।
कोरोना से मृतकों में 53% की उम्र 60 साल से ज्यादा
कोरोना से भोपाल में जान गंवाने वाले 1002 मरीजों में 53% की उम्र 61 साल से ज्यादा है, जबकि रिकॉर्ड में इस उम्र समूह के कोविड मृतकों की संख्या 535 है। इसके अलावा 32% कोविड मृतकों की उम्र 46 से 60 साल के बीच है।
कितने कोरोना मृतक किस बीमारी से थे पीड़ित
| बीमारी | मौतें |
| हाइपरटेंशन | 406 |
| डायबिटीज | 365 |
| दिल की बीमारी | 49 |
| किडनी डिसीज | 36 |
| लिवर डिसीज | 10 |
| अन्य बीमारी | 103 |
| सिर्फ कोरोना | 33 |
किस उम्र समूह के कितने लोगों की कोविड से हुई मौत
| उम्र समूह | मृतकों की संख्या |
| 0 – 18 | 5 |
| 19 – 45 | 145 |
| 46 – 60 | 318 |
| 61 साल से ज्यादा उम्र | 535 |