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गोपाल निर्मलकर पत्रकारिता की आड़ में कर रहा लोगों से धोखाधड़ी

पहचानों यह और कोई नहीं बल्कि यह है गोपाल निर्मलकर

  •  जो है स्वयंभू दुर्ग जिला धोबी समाज के जिला अध्यक्ष  जिसे धोबी समाज दुर्ग से निकाला गया है

  • घर बनानेवाला ठेकेदार बनकर अपने रिश्तेदार को लगाया  चूना

  • और वह है प्रेस रिपोर्टर क्लब का दुर्ग जिला अध्यक्ष  इससे पहले एक पत्रकार संगठन में जिला अध्यक्ष बन गया था जहां से उसे भगा दिया गया उसी के बाद उसने प्रेस रिपोर्टर क्लब को चुना 

  • रकम वापसी मांगने पर ये तथाकथित पत्रकार मरने की धमकी देता है

  सावधान ऐसे पत्रकारों से

 दुर्ग ( दबंग प्रहरी समाचार )। जी हां हम जिस व्यक्ति की बात कर रहे हैं वह बिल्कुल भोली सूरत दिल के खोटे वाली बातें इस व्यक्ति को पर शत प्रतिशत जमता है क्योंकि यह अपने आपको कभी राजेश खन्ना का क्लोन बताता है कभी कॉमेडियन बनने की दिखावा करता है कई समाजिक होने का दिखावा करता है लेकिन यह हम यहां उसकी वास्तविक बात को सबके सामने ला रहे हैं। उसने प्रेस रिपोर्टर क्लब का इसलिए जिला अध्यक्ष बना कि वह लोगों को प्रेस के माध्यम से डरा धमका अपने ऐशो आराम की जिंदगी बिता सके।  गोपाल निर्मलकर अपने दिखावा के पीछे एक कर्जदार का रूप लिए हुए हैं वह भी इमानदारी से नहीं बल्कि लोगों को धोखा देकर किसी से ₹50000 किसी से लाखों रुपए और यही नहीं पैसे के अलावा उसने दूसरे के नाम की चार पहिया को भी बेच दिया है।

 पहले था प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार संगठन में सम्मानित सदस्य

 लगभग 1 वर्ष पहले  वह अखिल भारतीय स्तर के पत्रकार संगठन में सदस्य हुआ करता था लेकिन वह धीरे-धीरे अपने आप को इतना गिराता चला गया कि लोगों को बेवकूफ बनाना चालू कर दिया गरीब महिला समूह से उन्होंने धीरे-धीरे करके लाखों रुपए तक उड़ा लिए हैं यही नहीं अपने पूर्व के मधुर संबंध के चलते अपने करीबी को भी लंबी चपत लगा दी और जब उनके द्वारा अपने रकम की मांग की गई तब उसने आत्महत्या करने की बात कह कर उसे डराना चालू कर दिया इस बात की जानकारी उसके बेटे को भी दी गई तब पता चला की वह ऐसे ही हैं उसने बताया कि गोपाल निर्मलकर की इज्जत उसके घर में भी नहीं है इसलिए वह अपने कार को ही अपना घर मानता है।

 दिखावे में जीने वाला अब पैसे कमाने की बात करना चालू किया, सेवा के बदले मांगे पैसा

 जब उससे उनके करीबी ने जिसे जरूरत के समय उसे 50000 ऊपर का नगद सहयोग ऑनलाइन किया था तब यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था की सीधा-साधा दिखने वाला यह इंसान उसके मेहनत की रकम को डकार सकता है। रकम मांगने वालों के डर से वो अपना मोबाईल सायलेंट में रखता है।जब उसने अपने पैसे की वापसी की मांग की तब उसने सीधा कह दिया कि वह आत्मघाती कदम उठा सकता है इसके जिम्मेदार हुआ होगा उसे केवल अपने साथ में छोटे-छोटे पत्रकार वो भी लड़कियों को लेकर घूमने का आदी है नाम के  ये पत्रकार जिन्हें ना लिखने आता है ना पढ़ने आता है ना बोलने आता है अपने साथ में रखकर अपना दबदबा दिखाकर लोगों से सिर्फ पैसे वसूलने का काम करता है इसी प्रकार सट्टा, कबाड़ी के वसूली मामलों में इसकी पूर्व में पिटाई भी हो चुकी है। यही नहीं पुलिस थाने से भी चार पहिए जो जप्ती में रहते हैं उसका सामान भी गोपाल ने पार कर दिया यह जानकारी पत्रकार साथी में दी थी।

बहुत जल्दी होने वाली है पुलिस में इसके खिलाफ FIR 

 जिस तरह  नाम का पत्रकार दूसरे के पैसे को चुपचाप डाकारना करना चाहता है और मांगने पर आत्महत्या करने की धमकी देता है उससे स्पष्ट है कि उसकी देने की नियत नहीं है इसलिए लोगों का कहना है कि बहुत जल्द ही दुर्ग के आईजी और पुलिस अधीक्षक को इसके बारे में सभी साक्ष्य के साथ शिकायत की जाएगी ताकि जो पत्रकार होने का और अलग दिखने का जो झूठ दिखावा है उसका अंत हो, वो जेल के पीछे जाये।