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14 करोड़ रुपयों जीएसटी की चोरी फर्जी बिल बनाकर की और जाना पड़ा जेल

डी जी जी आई की छापेमारी में हुआ खुलाशा 

इंटेलिजेंस इनपुट और डेटा एनालिटिक्स पर आधारित

 पहले भी होता रहा है कूटरचना कर फर्जी इनवॉइस और फर्जी बीमा के दस्तावेजों का उपयोग कर नाजायज लाभ कमाने की होड, पर जांच में जांच अधिकारियों के खिला-पीला कर अपने पक्ष में मामले को करवा लिया जाता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं करने का मिला मौका  और जाना पड़ा जेल

रायपुर ( दबंग प्रहरी समाचार)। पहले भी कई तरह की चोरी कारोबार व्यवसाय द्वारा की जाने की जानकारी मिलती थी चाहे वह फर्जी बीमा बनाकर यानी मूल बीमा में तारीख परिवर्तन कर अवैध रूप से धन कमाने की हो या फिर फर्जी इनवॉइस तैयार नाजायज रूप से लाभ प्राप्त करने की तरकीब हो चाहे इसी तरह के मामलों में जांच के दौरान संबंधित जांच अधिकारियों को रकम खिलाकर अपने पक्ष में मामला करवा लिया जाता था लेकिन इस बार इस तरह की तरकीब व्यवसायी को उल्टी पड़ गई मामला यह हुआ की रायपुर में डी जी जी आई ने यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस की रायपुर जोनल यूनिट ने जीएसटी चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यवसायी संतोष वाधवानी को 29 जनवरी की रात गिरफ्तार कर लिया।

शुरुआती जांच के मुताबिक, इस मामले में करीब 80 करोड़ रुपए के नकली इनवॉइस बनाए गए थे। इन इनवॉइस के आधार पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया गया, जिससे करीब 14 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी हुई, जो सरकारी खजाने को मिलनी थी। जांच में पता चला कि संतोष वाधवानी अपने बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी चलाते थे। इस फर्म के ज़रिए बिना कोई असली सामान या सर्विस सप्लाई किए नकली इनवॉइस जारी किए गए।

DGGI अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई इंटेलिजेंस इनपुट और डेटा एनालिटिक्स पर आधारित थी। जांच के दौरान, बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल डेटा और दूसरे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन को एनालाइज किया गया। इससे पता चला कि आरोपी नकली इनवॉइस के जरिए गैर-कानूनी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ले रहा था।

आरोपी को CGST एक्ट, 2017 के सेक्शन 69 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर मुकदमा चलाया गया है। यह अपराध एक्ट के सेक्शन 132 के तहत सज़ा का प्रावधान है। गिरफ्तारी के बाद, संतोष वाधवानी को शुक्रवार को रायपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया और रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।